वाराणसी : गंगा में लगातार बढ़ाव का रूख देख राहत एवं बचाव के लिए जिला प्रशासन ने की व्यापक तैयारी
वाराणसी, 30 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ाव को देख संभावित बाढ़ से बचाव और राहत कार्य के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। रविवार को जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए विभिन्न विभागों एवं बचाव एजेंसियों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित किया। ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उन्हें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
प्रशासनिक अफसरों के अनुसार, वाराणसी जनपद में बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए कुल 61 बाढ़ राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं। इन राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ-साथ उनके भोजन, पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बाढ़ राहत शिविरों में कम्युनिटी किचन के माध्यम से प्रतिदिन तीन समय पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। शिविरों में पर्याप्त स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सुथरे बिस्तर एवं सोने की व्यवस्था के साथ-साथ आवश्यकतानुसार अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
—राहत शिविरों में विभिन्न विभागों की टीमें तैनात
बाढ़ राहत शिविरों को केवल आश्रय स्थल के रूप में नहीं बल्कि समेकित राहत एवं सहायता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। प्रत्येक आवश्यकतानुसार राहत शिविर में राजस्व विभाग, चिकित्सा विभाग, पशुपालन विभाग, नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागों की टीमें तैनात की गई हैं, ताकि प्रभावित लोगों को मौके पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। राजस्व विभाग द्वारा प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का आकलन एवं राहत कार्यों का समन्वय किया जाएगा।
——बाढ़ राहत किट एवं आवश्यक सामग्री का प्रबंध
बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बाढ़ राहत किट का पर्याप्त प्रबंध किया गया है। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित परिवारों को आवश्यक दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे विस्थापित परिवारों को राहत शिविर में रहने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
—पशुधन की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था
बाढ़ के दौरान मानव जीवन के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा को भी जिला प्रशासन द्वारा प्राथमिकता दी गई है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसे की व्यवस्था की गई है। पशुपालन विभाग की टीमों को पशुओं के उपचार, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सा सहायता के लिए तैयार रखा गया है।
——24 घंटे संचालित बाढ़ नियंत्रण कक्ष
बाढ़ की स्थिति पर निरंतर निगरानी एवं किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्ष संचालित किया जा रहा है। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से जलस्तर, मौसम, संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित सूचनाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है। नियंत्रण कक्ष में प्राप्त होने वाली सूचनाओं को संबंधित विभागों एवं अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाने तथा आवश्यकता के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। जनपद में बाढ़ की स्थिति की स्थानीय स्तर पर निरंतर निगरानी एवं त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कुल 21 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन बाढ़ चौकियों के माध्यम से संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर, आवागमन, जनसुरक्षा तथा अन्य परिस्थितियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
—198 नावों की उपलब्धता
संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जनपद में कुल 198 नावों की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता के अनुसार इन नावों का उपयोग लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री वितरित करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव कार्यों के लिए किया जाएगा। नावों के संचालन में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित नाविकों एवं संबंधित टीमों की सहायता ली जाएगी।
एनडीआरएफ,जल पुलिस एवं पीएसी की टीमें तैयार
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं विशेषज्ञ राहत-बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, जल पुलिस एवं पीएसी की टीमें तैयार रखी गई हैं। इन टीमों को आवश्यकता पड़ने पर संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल भेजकर रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया जाएगा। विशेष रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी तटवर्ती इलाकों तथा ऐसे स्थानों जहां सामान्य आवागमन प्रभावित हो सकता है, वहां इन बचाव दलों की सहायता से लोगों को सुरक्षित निकालने एवं आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
जनसामान्य से अपील
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाढ़ अथवा अत्यधिक जलभराव की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अनावश्यक रूप से नदी, नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों एवं तेज बहाव वाले स्थानों की ओर न जाएं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन, बाढ़ नियंत्रण कक्ष अथवा संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

