वाराणसी में गंगा नदी की लहरें नमोघाट के नमस्ते स्कल्प्चर तक पहुंची,गंगा आरती छत पर हो रही
—वरूणा नदी का पानी सलारपुर रेलवे लाइन के पास मकानों तक पहुंचा,मणिकर्णिका घाट पर शवदाह छत पर,नावों के संचालन पर रोक
वाराणसी, 18 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में बारिश और पहाड़ों पर हो रही झमाझम वर्षा के चलते गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी में गंगा की लहरें घाटों की सीढ़ियों को पार करते हुए नमो घाट पर बने विशाल ‘नमस्ते’ स्कल्पचर तक पहुंच गई हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती छत पर कराई जा रही है। वहीं, शीतला घाट पर भी दैनिक गंगा आरती का स्थान बदलकर छत कर दिया गया है। गंगा आरती कराने वाली संस्था के अनुसार बाढ़ की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है, छत पर जगह कम होने के कारण सीमित श्रद्धालु ही आरती में शामिल हो पा रहे हैं।
24 घंटे में 44 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार सुबह आठ बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 66.72 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार को यह 66.28 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर में 44 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर है। गाजीपुर में गंगा का जलस्तर 59.33 मीटर, बलिया में 55.98 मीटर, फाफामऊ में 79.55 मीटर, मीरजापुर में 72.30 मीटर और प्रयागराज में 78.74 मीटर दर्ज किया गया। इन सभी स्थानों पर गंगा में बढ़ाव का रुख बना हुआ है।
गोमती नदी और छोटी सरयू भी बढ़ीं
आजमगढ़ में छोटी सरयू का जलस्तर 66.48 मीटर दर्ज किया गया, जहां फिलहाल जलस्तर स्थिर है। जौनपुर में गोमती नदी का जलस्तर मंगलवार सुबह आठ बजे 67.96 मीटर रहा। यहां नदी का जलस्तर करीब छह सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
नाव संचालन पर अग्रिम आदेश तक रोक
दशाश्वमेध के एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आज 66.90 मीटर गंगा का जलस्तर है। उन्होंने बताया कि जलस्तर करीब चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। सावन माह में घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए गंगा में नावों के संचालन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई है। जलस्तर सामान्य होने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। लाउड हेलर के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है और नाविकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
मणिकर्णिका घाट के छत पर शवदाह
गंगा का पानी मणिकर्णिका घाट की गलियों तक पहुंच गया है। इसके चलते शवदाह अब घाट की ऊपरी छत पर किया जा रहा है। हरिश्चंद्र घाट की स्थिति भी ऐसी ही है। यहां भी घाट की गलियों में शवदाह शुरू हो गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण अंतिम संस्कार के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।
वरुणा नदी के बढ़ते पानी से सलारपुर में चिंता
उधर, वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ने से सलारपुर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सलारपुर रेलवे लाइन के पास तक पानी पहुंचने के बाद आसपास के मकानों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। नक्खीघाट से हुकुलगंज, बघवानाला, ढेलवरिया और चौकाघाट तक वरुणा कॉरिडोर के नीचे ही बाढ़ का पानी है।
जलकुंभी से पशुओं के फंसने का खतरा
वरुणा नदी में बड़ी मात्रा में जलकुंभी जमा होने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को आशंका है कि जलकुंभी में पालतू पशुओं के फंसने का खतरा पैदा हो सकता है। वहीं, वरुणा के पुराने पुल के पास पुलकोहना क्षेत्र में नाले से सटे मकानों की चौखट तक पानी पहुंच चुका है। लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

