वाराणसी के कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की लागत से सीवर, पेयजल और सड़क पुनर्निर्माण शुरू
-मानसून की विदाई के साथ धरातल पर उतरने लगीं काशी के विकास की बड़ी योजनाएं
-महापौर अशोक कुमार तिवारी एवं कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने किया भूमि पूजन
वाराणसी, 20 सितंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर धर्म नगरी काशी को दी गई विकास सौगातों को धरातल पर उतारने का काम तेजी से शुरू हो गया है। बारिश के मौसम के कारण जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य रुका हुआ था, मानसून की वापसी और मौसम साफ होते ही रविवार को उनका विधिवत भूमि पूजन कर कार्य प्रारंभ करा दिया गया।
कैंट विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सरायनंदन और बिरदोपुर/शीशमहल क्षेत्र में कुल 225 करोड़ रुपये की लागत वाली सीवर, पेयजल और सड़क पुनर्निर्माण परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए महापौर अशोक कुमार तिवारी, कैंट के विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जनप्रतिनिधियों व पार्षदों की उपस्थिति में भूमि पूजन संपन्न हुआ। उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की देखरेख में इस कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा।
——सरायनंदन 110 करोड़ की लागत से बिछेगी 55 किलोमीटर लंबी सीवर
सरायनंदन वार्ड में दशमी रामलीला मैदान क्षेत्र में लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 55 किलोमीटर लंबी सीवर व पेयजल लाइन तथा सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया है।
——बिरदोपुर क्षेत्र में 58 करोड़ से सीव तथा 57 करोड़ से पेयजल लाइन
इसी प्रकार बिरदोपुर क्षेत्र के कैलाश मठ एवं गिरी नगर एकता पार्क के पास 115 करोड़ रुपये की कुल लागत से कार्य का शुभारंभ हुआ, जिसमें 58 करोड़ रुपये सीवर लाइन तथा 57 करोड़ रुपये पेयजल लाइन व गृह संयोजन का कार्य होना हैं। सरायनंदन व बिरदोपुर में अलग-अलग भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन क्रमश: राहुल सिंह व अशोक पटेल ने किया ।
——सात माह की परेशानी, 70 वर्षों तक स्थाई समाधान: महापौर
इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के मार्गदर्शन में काशी विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रही है। सीवर व पानी की नई पाइपलाइन बिछाने के इस विशाल कार्य में लगभग 7 महीने का समय लग सकता है, जिससे नागरिकों को आवागमन में थोड़ी अस्थायी असुविधा होगी। परंतु यह अल्पकालिक असुविधा आने वाले 70-75 वर्षों के लिए सीवर जाम और ओवरफ्लो से स्थाई मुक्ति दिलाएगी तथा शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
———नगर के 22 वार्डों का होगा कायाकल्प
शहरी क्षेत्र के अत्यधिक प्रभावित 22 वार्डों की बुनियादी समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत 2161 करोड़ रुपये की लागत से 353.13 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाने का कार्य होना है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

