दो दिवसीय मण्डलीय शाकभाजी, फल एवं पुष्प प्रदर्शनी में गुलाब के कटे फूल कर रहें आकर्षित
प्रदेश के स्टांप मंत्री ने किया उद्घाटन,पुस्तिका का विमोचन,500 किसानों ने की भागीदारी
वाराणसी, 21 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी कचहरी स्थित राजकीय अलंकृत उद्यान कम्पनी बाग में आयोजित दो दिवसीय मण्डलीय शाकभाजी, फल एवं पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन शनिवार को प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने किया। शाकभाजी, फल एवं पुष्प प्रदर्शनी दो भागों में आयोजित की गई है। प्रदर्शनी के पहले भाग में शाकभाजी, फल एवं फलों से संरक्षित पदार्थ को सम्मिलित किया गया है। वहीं, दूसरे भाग में गुलाब के कटे फूल, प्रदर्शनी का सर्वोत्तम गुलाब, कटे मौसमी फूल, कलात्मक फूलों की सज्जा, डहेलिया, सदाबहार पत्ती वाले पौधे, कैक्टस, सकुलेन्ट्स, बोनसाई, वर्टिकल गार्डेन, रंगोली व टेरेरियम पौध लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। प्रदर्शनी में माउथ पेन्टिंग, मृदा कला, कैनवास पेन्टिंग, पुष्प कला एवं सहज योग सिखाने के लिये भी स्टाल लगाया गया है। इस प्रदर्शनी में 242 प्रतिभागियों ने 3331 प्रदर्शों के साथ भागीदारी की है। इनमें पूर्वोत्तर रेलवे, बीएचयू, छावनी परिषद, केन्द्रीय कारागार, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल, नगर निगम, वाराणसी विकास प्राधिकरण, निजी पौधशालाएं आदि है।
——राज्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया
राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल ने प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यमंत्री ने प्रदर्शनी समिति के प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन करने के बाद एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत दो दिवसीय जनपद स्तरीय कृषक गोष्ठी का भी शुभारम्भ किया। गोष्ठी में जनपद से लगभग 500 किसानों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में प्रदर्शित प्रदर्शों की जजिंग भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के भूतपूर्व वैज्ञानिक डा० सूर्यनाथ सिंह चौरसिया, डा० सुधीर सिंह, डा० ज्योति, डा० मोहम्मद शाहिद डा० डी०आर० भारद्वाज ने किया। उन्होंने किसानों को सब्जियों के निर्यात सम्बन्धित आवश्यक बारीकी भी बताई। कार्यक्रम में उप निदेशक उद्यान/सचिव ने अतिथियों का स्वागत किया। इसमें सुभाष कुमार जिला उद्यान अधिकारी एवं शैलेन्द्रदेव दूबे जिला उद्यान अधिकारी गाजीपुर, सीमा सिंह राणा जिला उद्यान अधिकारी जौनपुर एवं आशीष कुमार जिला उद्यान अधिकारी गाजीपुर, मनोज कुमार सिंह तकनीकी सहायक आदि भी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

