मनरेगा को लेकर कांग्रेस-एनएसयूआई का प्रदर्शन, पुलिस ने रोका मार्च
— प्रधानमंत्री के जनसंपर्क कार्यालय की ओर जा रहे कार्यकर्ता हिरासत में
वाराणसी, 11 जनवरी (हि.स.)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर रविवार को वाराणसी में कांग्रेस और उसकी छात्र इकाई एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मैदागिन टाउनहॉल स्थित गांधी पार्क में उपवास रखकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इधर, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने लंका स्थित बीएचयू के सिंह द्वार से गुरुधाम जवाहर नगर स्थित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक ‘मनरेगा बचाओ’ मार्च निकालने का ऐलान किया। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल स्वयं भारी पुलिस बल के साथ बीएचयू गेट पर मौजूद रहे। मार्च के दौरान जैसे ही एनएसयूआई कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर वाहनों से थाने भेज दिया। हिरासत के दौरान भी कार्यकर्ता वाहनों के भीतर से नारेबाजी करते रहे।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस ने संगठन के अध्यक्ष वरुण चौधरी समेत कई कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें जबरन वाहनों में बैठाया। कार्यकर्ताओं ने सरकार और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे मनरेगा योजना को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश भर से पार्टी के कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। वहीं, संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

