गाजीपुर में निशा विश्वकर्मा हत्याकांड पीड़ितों से मिलने जा रहे कांग्रेस के नेताओं को पुलिस ने रोका

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—बाबतपुर एयरपोर्ट से नेताओं को हिरासत में लेकर सिंधोरा थाने भेजा गया,नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए दी जानकारी

वाराणसी, 27 अप्रैल (हि.स.)। गाजीपुर करंडा के कटरिया गांव में निशा विश्वकर्मा की हत्या मामले में पीड़ित परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस के नेताओं को पुलिस ने सोमवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पर ही रोक लिया। इससे नाराज नेताओं के विरोध को देख पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर जनपद के सिंधोरा और बड़ागांव थाने में भेज दिया।

कांग्रेस के नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी साझा कर सरकार के कार्य प्रणाली पर सवाल उठाया। एयरपोर्ट पर कांग्रेस के ओबीसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद, अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र गौतम, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू, राज्यसभा सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध, राष्ट्रीय सचिव जिंतेंद्र बघेल, राष्ट्रीय सचिव सुभाषिनी यादव आदि को हवाई अड्डे के अंदर रोककर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन नेताओं को बड़ागांव थाने पर ले जाया गया। एयरपोर्ट के पास से पुलिस ने वाराणसी महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी प्रकोष्ठ मनोज यादव को हिरासत में लेकर सिंधोरा थाने भेजा गया। इससे नाराज राघवेंद्र चौबे ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबा देना ही अब प्रदेश शासन का नया मॉडल हो चला है। विपक्षी नेताओं को नजरबंद करना, यात्राएं रोकना, एयरपोर्ट पर घेराबंदी करना और गिरफ्तारी करना जनता की आवाज को दबाने का प्रयास है, जो कि सफल नहीं होगा।

बताते चले गाजीपुर जिले में 30 अप्रैल तक धारा 163 लागू किया गया है। जिले में जुलूस, प्रदर्शन या कैंडल मार्च पर रोक लगाई गई है। बीते 15 अप्रैल को गांव निवासी रीता विश्वकर्मा का शव गंगा में मिला था। पुलिस ने शव बरामद कर इसे आत्महत्या मानकर कार्रवाई शुरू की लेकिन मृतका के परिजनों ने थाने में हत्या की तहरीर दी। इस मामले में पुलिस ने हरिओम और अभिषेक पांडेय पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया। दोनों आरोपी सवर्ण हैं। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने अपना प्रतिनिधिमंडल गाजीपुर भेजा।

उधर, स्थानीय लोगों ने इस मामले के राजनीतीकरण का विरोध किया। इस पर ग्रामीणों और सपाजनों के बीच पथराव हो गया था। इसमें पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा सहित अन्य लोग घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने सदर विधायक जय किशन साहू, जंगीपुर विधायक विरेंद्र यादव, सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव समेत 46 नामजद सहित करीब 200 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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