खंडग्रास चंद्रग्रहण के चलते दशाश्वमेध घाट पर एक घंटे देर से हुई विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती
—गंगा आरती के 35 वर्षो में छठवीं बार समय बदला
वाराणसी, 03 मार्च (हि.स.)। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर मंगलवार को खंडग्रास चंद्रग्रहण के चलते दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती निर्धारित समय से एक घंटे देर से शुरू हुई। समय में हुए बदलाव के कारण गंगा आरती देखने आए हजारों श्रद्धालु गंगाघाट पर बैठे ग्रहण के मोक्षकाल का इंतजार करते रहे।
मां गंगा की दैनिक आरती शाम 7:30 बजे से अपने पूरे परम्परागत रूप में सम्पन्न हुई। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि खंडग्रास चंद्रग्रहण की वजह से दशाश्वमेध घाट पर विश्वविख्यात मां गंगा की आरती के समय में बदलाव किया गया। चंद्रग्रहण के कारण मां गंगा की दैनिक आरती शाम 6:15 की जगह शाम 7:30 बजे से प्रारम्भ हुई । भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ और शाम को 6 बजकर 47 मिनट पर इसका समापन हुआ। इसको देखते हुए समय में बदलाव किया गया था। इसके पहले पिछले साल 2025 में चंद्र ग्रहण के कारण 07 सितम्बर को मां गंगा की दैनिक आरती दोपहर 12 बजे सम्पन्न कराई गई थी। 35 वर्षों में छठवीं बार समय में बदलाव हुआ। इसके पहले 28 अक्टूबर 2023, 16 जुलाई 2019, 27 जुलाई 2018 और 7 अगस्त 2017 में मां गंगा की आरती ग्रहण के कारण दिन में हुई थी।
उधर,अस्सीघाट पर आयोजित होने वाली नियमित गंगा आरती भी चंद्रग्रहण के चलते लगभग एक घंटे विलम्ब से हुई। आरती में गंगा आरती कराने वाली संस्था की ओर से गंगा आरती देखने वाले श्रद्धालुओं के उपर गुलाल की बारिश की गई। इसको लेकर श्रद्धालु भी आह्लादित दिखे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

