मनरेगा समाप्त कर मोदी सरकार ने राजनीति में काला अध्याय लिखा: प्रमोद तिवारी
वाराणसी, 12 दिसंबर (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने छलपूर्वक दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को समाप्त कर दिया है, जो एक अधिनियम के तहत संरक्षित थी।
सोमवार को सिगरा स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रमोद तिवारी ने कहा कि मनरेगा हर वर्ष लगभग 12 करोड़ ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी देती थी। इस कानून की आत्मा ‘गारंटीकृत आजीविका सुरक्षा’ थी, जिसे यूपीए सरकार के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की प्रेरणा से तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संसद से सर्वसम्मति से पारित कराया गया था।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के बाद शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि कोई सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर बनी दुनिया की सबसे बड़ी योजना को समाप्त कर देगी। प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि पहले नाथूराम गोडसे ने गांधी जी की शारीरिक हत्या की थी और अब मोदी सरकार उनकी वैचारिक हत्या कर रही है, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण मनरेगा है।
तिवारी ने कहा कि पहले मनरेगा में केंद्र सरकार का अंशदान 90 प्रतिशत और राज्य सरकारों का 10 प्रतिशत था, लेकिन अब केंद्र ने राज्यों पर 40 प्रतिशत का बोझ डाल दिया है, जबकि कई राज्य पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने इसे गरीब और ग्रामीण विरोधी कदम बताया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा को कमजोर कर मोदी सरकार ने देश की राजनीति में एक काला अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि कांग्रेस इस “काले कानून” को हटवाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी और भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस अगले 100 दिनों में प्रदेश भर में ‘संविधान संवाद महापंचायत’ का आयोजन करेगी, जिसमें वाराणसी और लखनऊ सहित सभी जिलों को शामिल किया जाएगा। साथ ही ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के माध्यम से ग्रामीण मजदूरों को संगठित किया जाएगा। कांग्रेस ने मनरेगा मजदूरी को 400 रुपये प्रतिदिन करने का संकल्प भी लिया है।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि एस.आई.आर. के तहत पार्टी की मॉनिटरिंग कमेटी उन मतदाताओं के नाम पुनः जोड़वाने का कार्य करेगी, जिनके नाम मतदाता सूची से छूट गए या काट दिए गए हैं। पार्टी पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी ‘पार्टी सृजन अभियान’ के तहत कर रही है और यह चुनाव कांग्रेस अकेले लड़ेगी।
उन्होंने जानकारी दी कि 28 दिसंबर 2025 को कांग्रेस पार्टी के स्थापना के 140 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो सेवा, समर्पण, त्याग और बलिदान की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। कांग्रेस पार्टी एमएलसी चुनाव 2026, स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। पत्रकार वार्ता में राजेश्वर पटेल, राघवेंद्र चौबे, संजीव सिंह, प्रमोद पांडेय सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

