जे.पी. आंदोलन के लिए जनसंघ का विलय करने वाले ही समाजवाद के सच्चे पोषक : अमरजीत मिश्र

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-मुंबई भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर दी प्रतिक्रिया

वाराणसी, 29 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष अमरजीत मिश्र ने कहा कि जयप्रकाश नारायण के आंदोलन को मजबूती देने और देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी पार्टी भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय कर देने वाले नेता ही समाजवाद के सच्चे पोषक थे। समाजवाद की बातें करने वालों को पहले अपने राजनीतिक इतिहास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को देखना चाहिए।

भाजपा नेता अमरजीत मिश्र शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जयप्रकाश नारायण के संदर्भ में बयान को लेकर अमरजीत मिश्रा ने कहा कि जेपी आंदोलन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उस दौर में तत्कालीन जनसंघ के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष किया और सत्ता तथा संगठन के हित से ऊपर राष्ट्रहित को रखा।

रक्षाबंधन पर्व पर मुम्बई से शहर में आए भाजपा नेता अमरजीत मिश्र ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन भी किया। उन्होंने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में लोक मंगल की कामना की। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन को व्यापक राजनीतिक शक्ति देने के लिए जनसंघ का जनता पार्टी में विलय कोई सामान्य राजनीतिक निर्णय नहीं था। यह लोकतंत्र की रक्षा और तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों में देशहित को सर्वोच्च मानने का उदाहरण था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने राजनीतिक अस्तित्व से ऊपर लोकतंत्र को रखा, उनके योगदान पर सवाल उठाने से पहले इतिहास को समझना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि समाजवाद केवल भाषणों और नारों से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, त्याग और राष्ट्रहित के लिए किए गए संघर्ष से प्रमाणित होता है। जनसंघ का जनता पार्टी में विलय इसी राजनीतिक त्याग और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और महापुरुषों के योगदान को सही संदर्भ में समझने की है। उन्होंने कहा कि जेपी की विरासत किसी एक दल की नहीं, बल्कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले प्रत्येक भारतीय की साझा विरासत है।

काशी यात्रा के संबंध में उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ का दर्शन उनके लिए आध्यात्मिक अनुभूति का विषय है। उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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