प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी को अपना परिवार माना, पिछली सरकारों ने सिर्फ वोट बैंक : डॉ दयाशंकर मिश्र

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी को अपना परिवार माना, पिछली सरकारों ने सिर्फ वोट बैंक : डॉ दयाशंकर मिश्र


—गुरुधाम, जवाहर नगर में काशी वासियों से मिले आयुष मंत्री, गिनाईं 12 साल की उपलब्धियां

वाराणसी, 22 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने सोमवार को गुरुधाम, जवाहर नगर में आयोजित एक कार्यक्रम में काशीवासियों से संवाद किया। संवाद के दौरान आयुष मंत्री ने नागरिकों से काशी के विकास को लेकर पहले की सरकारों और वर्तमान सरकार के काम को गिनाते हुए दोनों सरकारों के अंतर को भी बताया।

मंत्री डॉ. दयालु ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार ने 5-5 साल शासन किया, लेकिन काशी के लिए एक ईंट तक नहीं रखी गई। 18 साल तक गंगा नदी पर एक नया पुल नहीं बना, रिंग रोड का नाम तक नहीं लिया गया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी को अपना परिवार मानकर 12 साल में काशी का कायाकल्प कर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि अखिलेश यादव की सरकार 3 साल तक टीएफसी (ट्रेड फेसिलिटी सेंटर) के लिए जमीन तक आवंटित नहीं कर पाई। तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खान ने विकास की जगह हज हाउस को प्राथमिकता दी। श्मशान, मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण जैसे कामों पर भी ध्यान नहीं दिया गया। भारत सरकार जमीन मांगती रही, लेकिन राज्य सरकार ने सहयोग नहीं किया।

आयुष मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 साल में पचास से अधिक बार काशी का दौरा किया और हर बार शहर को विकास की नई सौगात दी। बाबा विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, नमो घाट, कैंसर अस्पताल, रिंग रोड, गंगा पर नए ब्रिज — ये सब 12 साल की देन हैं। पहले की सरकारें सिर्फ घोषणाएं करती थीं, भाजपा सरकार धरातल पर काम करती है।

डॉ. दयालु ने कहा कि कमल का फूल का मतलब है गरीब का सम्मान। शौचालय, गैस कनेक्शन, पक्का मकान, आयुष्मान कार्ड — ये सब भाजपा सरकार की देन है। काशी आज विकास का मॉडल बन चुकी है, क्योंकि यहां प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प और जनता का आशीर्वाद दोनों साथ है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंत्री ने सभी से 21 जून को संपन्न हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की सफलता पर भी बधाई दी और कहा कि अब काशी योग, अध्यात्म और विकास तीनों की राजधानी बन रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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