बीएचयू के दक्षिणी परिसर में आरंभ हुई टेलीमेडिसिन ओपीडी सेवा,परिसर में ई-साइकिल सुविधा का भी उद्घाटन

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बीएचयू के दक्षिणी परिसर में आरंभ हुई टेलीमेडिसिन ओपीडी सेवा,परिसर में ई-साइकिल सुविधा का भी उद्घाटन


बरकछा में ही मिलेगी बीएचयू के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह, टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू

वाराणसी, 01 सितंबर (हि.स.)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, बरकछा में अब विद्यार्थियों और अन्य मरीजों को वाराणसी स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों से टेलीमेडिसिन के माध्यम से परामर्श मिल सकेगा। परिसर में इस सुविधा की शुरुआत मंगलवार को बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने की।

यह सुविधा ‘ई-संजीवनी : राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा’ के तहत संचालित ‘सेतु-केयर बीएचयू’ टेलीमेडिसिन ओपीडी के माध्यम से उपलब्ध होगी। इसके जरिए मरीज दक्षिणी परिसर में ही रहकर सर सुंदरलाल चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों से चिकित्सकीय परामर्श लेने के साथ आवश्यकतानुसार इलेक्ट्रॉनिक प्रिस्क्रिप्शन भी प्राप्त कर सकेंगे।

उद्घाटन के बाद टेलीमेडिसिन के माध्यम से पहला डेमो परामर्श कराया गया। राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषभ मिश्रा ने एक मरीज को आईएमएस-बीएचयू के जनरल मेडिसिन विभाग के डॉ. निलेश कुमार से जोड़ा। चिकित्सकीय परामर्श पूरा होने के बाद कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने मरीज को पहला प्रिस्क्रिप्शन प्रदान किया।

इस अवसर पर चिकित्सा विज्ञान संस्थान-बीएचयू के निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार, चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. संजय गुप्ता, सर सुंदरलाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत तथा राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बी.एम.एन. कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

—सीएचएस के नए भवन का उद्घाटन

परिसर के दौरे के दौरान कुलपति ने सेंट्रल हिंदू स्कूल (सीएचएस) के नवनिर्मित भवन के प्रथम तल का भी उद्घाटन किया। नए तल पर पांच कक्षाएं, एक कंप्यूटर लैब और एक हॉल बनाया गया है। इससे विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं और क्षमता में विस्तार होगा। कुलपति ने विद्यालय की सुविधाओं का निरीक्षण करने के साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद भी किया।

—विद्यार्थियों को मिलेगी ई-साइकिल की सुविधा

कुलपति ने परिसर में ई-साइकिल सुविधा का भी शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को परिसर के भीतर सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल आवागमन उपलब्ध कराना है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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