बीएचयू में ‘संशोधन चिकित्सा इकाई’ का गुरुवार से शुभारंभ, जीर्ण रोगियों को मिलेगा आयुर्वेदिक उपचार का लाभ
वाराणसी, 01 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान स्थित सर सुन्दरलाल चिकित्सालय के कायचिकित्सा विभाग में आयुर्वेदिक चरक पुरुष वार्ड के प्रथम तल पर स्थापित ‘संशोधन चिकित्सा इकाई’ का शुभारंभ गुरुवार को किया जाएगा। नई इकाई जीर्ण एवं जटिल रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष आयुर्वेदिक उपचार सुविधा उपलब्ध कराएगी।
चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सत्य नारायण संखवार गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे इकाई का उद्घाटन करेंगे।
चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि इस इकाई में गठिया, श्वास संबंधी रोग, सोरायसिस, सफेद दाग, लकवा, साइटिका, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, ऑस्टियोआर्थराइटिस, स्लिप डिस्क, एक्जिमा, पेट संबंधी रोगों तथा मानसिक रोगों सहित अनेक जीर्ण बीमारियों का आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मरीजों का उपचार आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित पंचकर्म एवं अन्य संशोधन चिकित्सा विधियों, जैसे स्नेहन, स्वेदन, वमन, विरेचन, बस्ति, ग्रीवा बस्ति, कटि बस्ति, शिरोधारा, शिरोबस्ति और नस्य आदि के माध्यम से किया जाएगा। सभी उपचार अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सकों की निगरानी में किए जाएंगे।
प्रो. राजेन्द्र प्रसाद के अनुसार, इस इकाई के शुरू होने से पूर्वांचल सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत एवं व्यवस्थित आयुर्वेदिक संशोधन चिकित्सा सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

