बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में रोबोटिक-असिस्टेड नी सर्जिकल सिस्टम की हुई शुरुआत

WhatsApp Channel Join Now
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में रोबोटिक-असिस्टेड नी सर्जिकल सिस्टम की हुई शुरुआत


—सर्जरी की सटीकता बढ़ाने, कम दर्द, शीघ्र रिकवरी तथा बेहतर दीर्घकालिक परिणाम

वाराणसी, 02 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में चिकित्सा विज्ञान संस्थान ट्रॉमा सेंटर में रोबोटिक-असिस्टेड नी सर्जरी सिस्टम का औपचारिक उद्घाटन सोमवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने किया। यह पहल उन्नत चिकित्सा तकनीक को आमजन तक पहुँचाने तथा समतामूलक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने रोबोटिक प्रणाली की सराहना की।

उन्होंने कहा कि इतनी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकीय व्यवस्था कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के माध्यम से संभव हो सकी है। प्रो. चतुर्वेदी ने उल्लेख किया कि देश में सीएसआर निधि की उपलब्धता पर्याप्त है तथा संस्थान और विश्वविद्यालय विविध परियोजनाओं के लिए सुविचारित प्रस्ताव तैयार कर उल्लेखनीय प्रगति कर सकते हैं। उपस्थित चिकित्सकों एवं संकाय सदस्यों से संवाद करते हुए कुलपति ने रोगियों के साथ प्रभावी संवाद कौशल पर केंद्रित एक नया पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का सुझाव दिया। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय स्वास्थ्य परिप्रेक्ष्य में चिकित्सक–रोगी संवाद की महत्ता को रेखांकित किया।

साथ ही, उन्होंने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय में भविष्य की पहलों को सुगम बनाने हेतु एक समर्पित सीएसआर प्रकोष्ठ का गठन अधिसूचित कर दिया गया है। ट्रॉमा सेंटर के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. सौरभ सिंह ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने बताया कि रोबोटिक-असिस्टेड नी सर्जरी सिस्टम की स्थापना के साथ ट्रॉमा सेंटर देश का पहला सरकारी चिकित्सा संस्थान बन गया है, जहाँ नॉन-सीटी आधारित रोबोटिक-असिस्टेड नी सर्जिकल सिस्टम को क्रियान्वित किया गया है। यह उन्नत तकनीक सर्जरी की सटीकता बढ़ाने, कम दर्द, शीघ्र रिकवरी तथा बेहतर दीर्घकालिक परिणाम सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना ओएनजीसी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहयोग तथा वाराणसी जिला प्रशासन के मार्गदर्शन से साकार हुई। यह सुविधा पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार के मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी, जिससे उन्हें सरकारी अस्पताल में ही उन्नत रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और उपचार लागत में कमी आएगी। इस अवसर पर निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान प्रो. सत्य नारायण संखवार भी मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

Share this story