बीएचयू ईएनटी विभाग में आधुनिक डायग्नोस्टिक एवं सर्जिकल सुविधाओं का हुआ उद्घाटन
—नवजात शिशुओं में श्रवण संबंधी समस्याओं की प्रारम्भिक पहचान हुआ आसान,टेम्पोरल बोन लेबोरेटरी सर्जरी में सहायक
वाराणसी, 21 मई (हि.स.)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान स्थित कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग में गुरूवार को कई अत्याधुनिक एवं विशेषीकृत चिकित्सा सुविधाओं तथा उपकरणों का उद्घाटन किया गया। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने इन सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी नवस्थापित इकाइयों एवं उपकरणों का विस्तृत निरीक्षण भी किया।
प्रो. चतुर्वेदी ने लैब में भ्रमण के दौरान मरीजों, चिकित्सकों एवं सहायक कर्मचारियों से संवाद कर प्रत्येक इकाई के उद्देश्य तथा कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार ने भी कुलपति को नवस्थापित सुविधाओं को बताया। ईएनटी विभाग के प्रो. विश्वम्भर सिंह के अनुसार नवस्थापित सुविधाओं में ईएनटी वर्कस्टेशन, बी एंड के लेबोरेटरी, स्ट्रोबोस्कोपी यूनिट, सायलेंडोस्कोपी यूनिट, टेम्पोरल बोन लेबोरेटरी, ओटो एकॉस्टिक एमिशन (ओएई) लैब तथा एएसएसआर लेबोरेटरी शामिल हैं। इन सुविधाओं से विभाग में मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, डायग्नोस्टिक क्षमताओं, सर्जिकल प्रशिक्षण तथा शोध गतिविधियों को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ किए जाने की अपेक्षा है। इनमें विशेष रूप से ओएई एवं एएसएसआर लेबोरेटरी नवजात शिशुओं में श्रवण संबंधी समस्याओं की प्रारम्भिक पहचान में सहायक होंगी, जबकि बी एंड के लेबोरेटरी ईएनटी से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के लिए विशेषीकृत डायग्नोस्टिक सहायता प्रदान करेगी। स्ट्रोबोस्कोपी यूनिट से वॉइस संबंधित जांच एवं क्लिनिकल सेवाओं को मजबूती मिलेगी। वहीं, सायलेंडोस्कोपी यूनिट लार ग्रंथियों में बनने वाली पथरी के उपचार के लिए न्यूनतम इनवेसिव तकनीक उपलब्ध कराएगी। टेम्पोरल बोन लेबोरेटरी को सर्जनों के लिए कान की संरचना एवं सर्जिकल तकनीकों के उन्नत प्रशिक्षण हेतु विकसित किया गया है। उद्घाटन के अवसर पर प्रो. संजय गुप्ता, संकाय प्रमुख, चिकित्सा संकाय, विभागाध्यक्ष, आणविक एवं मानव आनुवंशिकी विभाग डॉ. राजेश सिंह, न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. रामेश्वर नाथ चौरसिया आदि भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

