बीएचयू में ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी पर राष्ट्रीय मास्टर क्लास का उद्घाटन

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बीएचयू में ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी पर राष्ट्रीय मास्टर क्लास का उद्घाटन


वाराणसी, 04 जून (हि.स.)। एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) मास्टर क्लास 2026 का औपचारिक उद्घाटन गुरुवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के ट्रॉमा सेंटर सभागार में किया गया। आईएमस के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ओर से ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी यूनिट के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन पूरे भारत से ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के लगभग 72 संकाय सदस्य और 97 एमडीएस अंतिम वर्ष के छात्रों ने भागीदारी की।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो.अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि जहां एक ओर बढ़ते विशेषज्ञीकरण ने प्रगति को गति दी है, वहीं ज्ञान का भविष्य समान रूप से अंतर्विषयक सहयोग को बढ़ावा देने पर भी निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि कई नवाचारों की शुरुआत किसी एक ही विषय के भीतर होती है, जिसके बाद वे अन्य विषयों में फैल जाते हैं। हमें नए विचारों और दृष्टिकोणों के प्रति हमेशा खुला रहना चाहिए। कुलपति प्रो.चतुर्वेदी ने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे कार्यक्रम में उपस्थित अनुभवी संकाय सदस्यों और विशेषज्ञों के साथ खुलकर बातचीत करके इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं । उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के प्रश्न पूछें—चाहे वे सरल हों या कठिन—और इस मंच का उपयोग सीखने और बौद्धिक आदान-प्रदान के एक मूल्यवान अवसर के रूप में करें। संस्थान के डीन (चिकित्सा)प्रो. संजय गुप्ता ने एओएमएसआई नॉर्थ ज़ोन की सराहना की । कहा कि जोन ने पूरे देश से विशेषज्ञों और रेजिडेंट्स के एक विशिष्ट समूह को एक मंच पर एकत्रित किया। यह मास्टरक्लास शैक्षणिक आदान-प्रदान और पेशेवर विकास के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि बीएचयू इस तरह की बातचीत के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है, और उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य के संस्करणों में अधिक 'हैंड्स-ऑन' (प्रायोगिक) प्रशिक्षण के अवसर शामिल किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि यह मास्टरक्लास एक गहन शैक्षणिक कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र के चिकित्सकों और प्रशिक्षुओं के बीच नैदानिक और सर्जिकल क्षमताओं को मजबूत करना है। प्रो. सौरभ सिंह, प्रोफेसर-प्रभारी (ट्रॉमा सेंटर), ने कहा कि इस कार्यक्रम ने क्रैनियोफेशियल और ओरल सर्जरी के क्षेत्र के बड़ी संख्या में विशेषज्ञों को अपनी ओर आकर्षित किया है। डेंटल साइंसेज संकाय के डीन और प्रमुख प्रो. एच. सी. बरनवाल ने मास्टरक्लास आयोजित करने में ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी यूनिट के प्रयासों की सराहना की और उन रेजिडेंट्स का स्वागत किया जो इसमें भाग लेने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आए है।

इसके पहले आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. नरेश कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि आयोजन समिति के सचिव प्रो. अखिलेश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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