बीएचयू और डालमिया समूह के बीच विश्वविद्यालय सुविधाओं के विकास एवं नवीनीकरण के लिए समझौता
वाराणसी, 28 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने शुक्रवार शाम विश्वविद्यालय परिसर की प्रमुख सुविधाओं के मरम्मत, नवीनीकरण एवं विकास के लिए डालमिया समूह के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एमओयू पर बीएचयू कुलसचिव राजन श्रीवास्तव और कुणाल डालमिया ने कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर प्रो. चतुर्वेदी ने डालमिया समूह द्वारा विश्वविद्यालय की सुविधाओं के विकास एवं सुधार के लिए पहल करने और योगदान देने की सराहना की। कुणाल डालमिया ने ‘जिम्मेदारी’ के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि वे इस योगदान को एक विरासत के रूप में देखते हैं और आशा व्यक्त की कि उनके परिवार की भावी पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगी।
एमओयू के तहत डालमिया समूह परिसर स्थित सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास, सेंट्रल हिंदू स्कूल (सीएचएस) क्षेत्र में कमच्छा से सटे पूर्व दिशा की ओर स्थित भू-भाग तथा महिला महाविद्यालय स्थित सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में मरम्मत एवं विकास कार्य किए जाएंगे। यह समझौता पांच वर्ष की अवधि के लिए किया गया है, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाने का प्रावधान है। विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार,सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास में संरचनात्मक मरम्मत, जलरोधन, विद्युत एवं शौचालयों की मरम्मत तथा रंग-रोगन का कार्य किया जाएगा। परिसर को वृक्षारोपण के माध्यम से भी सुंदर बनाया जाएगा तथा बैडमिंटन, पिकलबॉल और बास्केटबॉल के लिए बहुउद्देशीय खेल मैदान विकसित किया जाएगा। छात्रावास के प्रांगण में स्वर्गीय एल.एन. डालमिया की प्रतिमा स्थापित की जाएगी तथा छात्रावास के लिए उनके द्वारा किए गए योगदान का संक्षिप्त विवरण भी प्रदर्शित किया जाएगा।
सीएचएस में कमच्छा से सटे पूर्व दिशा के क्षेत्र का सीमा रेलिंग, पौधारोपण, फव्वारों एवं जल निकायों के साथ पुनर्विकास किया जाएगा। गर्मियों में ठंडे पेयजल और सर्दियों में गर्म पानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यहां एक बहुउद्देशीय खेल मैदान भी विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र का नाम ‘साबो उद्यान’ रखा जाएगा। दानदाताओं द्वारा वार्षिक खेल प्रतियोगिता ‘साबो कप’ के लिए ट्रॉफी एवं पुरस्कार राशि सहित सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके आयोजन से संबंधित विवरण विश्वविद्यालय द्वारा दानदाताओं के परामर्श से अंतिम रूप दिया जाएगा।
पहली दो परियोजनाओं के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में भी इसी प्रकार संरचनात्मक मरम्मत, जलरोधन, विद्युत एवं शौचालयों की मरम्मत तथा रंग-रोगन का कार्य किया जाएगा। भवन में उपयुक्त स्थान पर स्वर्गीय सावित्री देवी डालमिया की प्रतिमा स्थापित की जाएगी तथा उनके जीवन का संक्षिप्त विवरण भी प्रदर्शित किया जाएगा।
बताते चले स्वर्गीय लक्ष्मीनिवास डालमिया ने वर्ष 1973 में सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास विश्वविद्यालय को दान किया था, जबकि कुणाल डालमिया और उनकी कंपनी ने वर्ष 2004 में हस्ताक्षरित एमओयू के माध्यम से सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन के निर्माण में योगदान दिया था। प्रस्तावित कार्यों के लिए संरचनात्मक डिजाइन एवं ड्रॉइंग बीएचयू द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। विश्वविद्यालय निर्माण कार्यों की निगरानी तथा एमओयू के क्रियान्वयन की भी देखरेख करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

