बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में पहली बार लगी चित्रकला प्रदर्शनी, कार्यशाला “कला आराधना” का समन्वय

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बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में पहली बार लगी चित्रकला प्रदर्शनी, कार्यशाला “कला आराधना” का समन्वय


वाराणसी, 25 मार्च (हि.स.)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विश्वनाथ मंदिर परिसर में पहली बार बुधवार को दृश्य कला संकाय की ओर से एक दिवसीय राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी और कार्यशाला “कला आराधना” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने किया।

इस अवसर पर प्रोफेसर त्यागी ने मंदिर के पवित्र परिसर में इस कलात्मक पहल की प्रशंसा की और विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परम्परा और समृद्ध इतिहास से ज्यादा से ज्यादा सीखने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि बीएचयू के छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति तथा संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. राजाराम शुक्ल, विश्वनाथ मंदिर के मानद व्यवस्थापक प्रो. ब्रजभूषण ओझा, डॉ संतोष कुमार सिंह, विश्वविद्यालय कार्यकारिणी सदस्य प्रो. यू.पी. शाही, महिला महाविद्यालय बीएचयू की प्राचार्या प्रो. रीता सिंह, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के निदेशक डॉ. अभिजीत दीक्षित, विश्वविद्यालय के क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष प्रो. अनुपम कुमार नेमा, संयुक्त कुल सचिव डॉ संजय कुमार, चिकित्सा विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील चौधरी, डॉ ललित मोहन अग्रवाल, पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो. ज्ञान प्रकाश मिश्रा आदि भी मौजूद रहे।

——कार्यशाला में 100 चित्रों की प्रदर्शनी

कार्यशाला की आयोजक व संकाय प्रमुख दृश्य कला संकाय प्रो. उत्तमा दीक्षित ने बताया कि लगभग 100 चित्रों को प्रदर्शित करती हुई एक चित्र प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परम्परा, काशी की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और कलात्मक विरासत को एक नवीन सृजनात्मक दृष्टिकोण से प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि दृश्य कला संकाय से लगभग 100 विद्यार्थियों समेत अनेक कलाकारों ने अपने सृजन के माध्यम से कला के विविध रूपों-श्रद्धा, जीवन, संस्कृति और आस्था को चित्रित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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