बीएचयू को मिली प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान परियोजना, क्वांटम कंप्यूटिंग पर होगा शोध
वाराणसी, 03 जून (हि.स.)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की प्रतिष्ठित ‘शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग संवर्धन योजना’ के तहत एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान परियोजना प्राप्त हुई है। इस परियोजना के लिए दो वर्षों की अवधि हेतु 1,00,89,500 रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है।
यह परियोजना भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्थानों और विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देना है।
“क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए क्वांटम मेट्रोलॉजी” शीर्षक वाली इस परियोजना का नेतृत्व प्रो. देवेंद्र कुमार मिश्र कर रहे हैं। वे परियोजना के प्रधान अन्वेषक हैं। यह शोध इटली के मिलानो विश्वविद्यालय के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
परियोजना में प्रो. माटेओ जी. ए. पेरिस विदेशी प्रधान अन्वेषक तथा डॉ. स्टेफानो ओलिवारेस सह-प्रधान अन्वेषक के रूप में जुड़े हैं। वहीं भारतीय पक्ष से डॉ. सुनील कुमार मिश्र सह-प्रधान अन्वेषक की भूमिका निभाएंगे।
यह अनुसंधान ‘नॉइज़ी इंटरमीडिएट-स्केल क्वांटम (NISQ) युग’ में क्वांटम कंप्यूटरों के निर्माण के लिए आवश्यक क्वांटम अवस्थाओं और प्रक्रियाओं के सटीक विश्लेषण पर केंद्रित होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान क्वांटम प्रणालियों में क्यूबिट और क्वांटम प्रक्रियाओं की अपूर्णता एक बड़ी चुनौती है। परियोजना के तहत ‘क्वांटम बहु-प्राचल अनुमान’ तकनीक विकसित कर कई पैरामीटरों का एक साथ सटीक विश्लेषण किया जाएगा, जिससे भविष्य के अधिक सक्षम क्वांटम कंप्यूटर विकसित करने में मदद मिलेगी।
परियोजना के अंतर्गत संकाय विनिमय कार्यक्रम, छात्र शोध आदान-प्रदान, अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाएं तथा संयुक्त शोध प्रकाशन भी आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत बीएचयू के दो शोध छात्रों को छह-छह महीने के लिए मिलानो विश्वविद्यालय में शोध कार्य करने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे बीएचयू की वैश्विक शोध साझेदारी और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

