वाराणसी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में जलभराव
—कई स्थानों पर पेड़ और मकान गिरे, बीएचयू के अस्पताल मार्ग पर घुटनों तक पानी, 12 घंटे में 119.8 मिमी. बारिश
वाराणसी, 25 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी जनपद में सोमवार शाम से मंगलवार पूर्वाह्न तक रुक-रुककर हुई भारी बारिश ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी। कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बारिश के बाद शहर के अधिकांश इलाकों में जलभराव हो गया। निचले इलाकों की सड़कें और गलियां तालाब जैसी नजर आईं। भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर कच्चे मकान गिर गए, जबकि पेड़ गिरने से पक्के मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
जिले में 12 घंटे के दौरान करीब 119.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश का सबसे अधिक असर बीएचयू परिसर और लंका क्षेत्र में दिखाई दिया। लंका स्थित सिंहद्वार, ट्रॉमा सेंटर और सर सुंदरलाल अस्पताल की ओपीडी के बाहर घुटनों तक पानी भर गया। इसके अलावा गिरजाघर, नई सड़क, लंका, गोदौलिया और रविंद्रपुरी मार्ग समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों में भी जलभराव से लोगों को भारी परेशानी हुई।
सड़कों पर पानी भरने से राहगीरों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गईं। कई वाहन जलभराव के बीच बंद हो गए, जिन्हें लोग धक्का देकर सुरक्षित स्थान तक ले जाते दिखाई दिए। लगातार बारिश के कारण शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
कक्षा एक से आठ तक के विद्यालय बंद
लगातार बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रेड अलर्ट को देखते हुए मंगलवार को वाराणसी में कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालय बंद रहे। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया था।
अगले दो दिन बारिश के आसार
बीएचयू के मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वांचल के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से वातावरण में नमी बनी हुई है। इसके चलते अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रहने और बीच-बीच में बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
गंगा का जलस्तर घट रहा
शहर में लगातार बारिश के बावजूद गंगा के जलस्तर में फिलहाल घटाव का रुख बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार पूर्वाह्न 10 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 68.22 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से कमी आ रही थी। हालांकि, गंगा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

