ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ का जलाभिषेक,अतिशय स्नान से बीमार पड़ेंगे

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ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ का जलाभिषेक,अतिशय स्नान से बीमार पड़ेंगे


—पूरे पखवाड़े भगवान को लगेगा काढ़े का भोग,आम श्रद्धालु 15 दिन तक भगवान के विग्रह का नहीं कर पाएंगे दर्शन-पूजन

वाराणसी,27 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रविवार को अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र के विग्रह का श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। प्रातः 5 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी ट्रस्ट के सदस्यों की उपस्थिति में भगवान का मिट्टी के कलशों में भरे गंगाजल से जलाभिषेक कर भगवान के विग्रह का शृंगार करेंगे। इसके पश्चात भोग लगाकर भव्य आरती होगी। इसके पश्चात मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धालु जलाभिषेक का क्रम शुरू कर देंगे। यह सिलसिला शाम तक चलेगा। पूरे दिन भक्तों के प्रेम में अत्यधिक स्नान से भगवान प्रतीक रूप से बीमार होकर परम्परानुसार पूरे पखवाड़े विश्राम करेंगे।

इस दौरान 30 जून से 14 जुलाई तक भगवान को काढ़े का भोग लगाया जाएगा। इसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। यह जानकारी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह ने दी। ट्रस्ट अध्यक्ष के अनुसार, एक पखवारे तक मंदिर का पट बंद होने से आम भक्त भगवान के विग्रह का दर्शन-पूजन नहीं कर पाएंगे। इस दौरान प्रतिदिन भोग लगाए गए काढ़े का प्रसाद स्वरूप वितरण किया जाएगा। भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा 14 जुलाई को भक्तों को दर्शन देंगी। 15 जुलाई को प्रभु की डोली यात्रा शाम 05:15 बजे निकाली जाएगी जो पारंपरिक मार्ग से रथयात्रा पहुंचेगी। काशी का विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा मेला 16 से 18 जुलाई तक चलेगा। तत्पश्चात, 19 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त में तीनों विग्रह मंदिर में लाए जाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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