वाराणसी में शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, लहराया तिरंगा

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वाराणसी में शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, लहराया तिरंगा


—‘सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा’ के नारों से गूंजा शहर, अंजुमनों ने पेश किया नातिया कलाम

वाराणसी, 26 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद की पैदाइश यानी ईद मिलादुन्नबी का पर्व बुधवार को पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर शहर और ग्रामीण अंचलों में परंपरागत जुलूस-ए-मोहम्मदी शानो-शौकत के साथ निकाले गए। जुलूसों में ‘सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा’ के नारों और नातिया कलाम से शहर की फिजाएं गूंजती रहीं।

बड़ी संख्या में बुजुर्ग, युवा और बच्चे शामिल हुए। लोग पारंपरिक कुर्ता-पायजामा पहनकर और सिर पर रंग-बिरंगे साफे बांधकर जुलूस में शामिल हुए। हाथों में इस्लामी परचम के साथ विशाल तिरंगे भी लहराते नजर आए। विभिन्न अंजुमनों ने नबी की शान में नातिया कलाम पेश किए, जिससे पूरे मार्ग पर धार्मिक और उल्लासपूर्ण माहौल बना रहा।

शहर में मरकजी दावते इस्लामी जुलूसे मोहम्मदी कमेटी और मुफ्ती बोर्ड के सदर व जनरल सेक्रेटरी की निगरानी में मुख्य जुलूस रेवड़ी तालाब स्थित अजगरी मैदान से सुबह निकाला गया। इसमें शिवाला, बजरडीहा, ककरमत्ता और मदनपुरा समेत विभिन्न इलाकों के जुलूस भी शामिल हुए। जुलूस भेलूपुर, गौरीगंज, रवींद्रपुरी, शिवाला, सोनारपुरा, मदनपुरा, गोदौलिया, चौक, मैदागिन, कबीरचौरा और पियरी होते हुए बेनियाबाग मैदान पहुंचा।

इस बार जिला प्रशासन और जुलूस कमेटी के बीच बनी सहमति के तहत जुलूस में अधिकतम 100 वाहनों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी। अनुमति के बिना शामिल हुए वाहनों को पुलिस अधिकारियों ने वापस लौटा दिया। जुलूस के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा।

एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार और एसीपी दशाश्वमेध समेत पुलिस अधिकारी जुलूस के मार्ग पर लगातार निगरानी करते रहे। दालमंडी समेत शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की गई। पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करने और शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकालने की अपील की। जुलूस मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने जगह-जगह जुलूस का इस्तकबाल कर स्वागत किया।

शहर के शक्करतालाब, जलालीपुरा, गोलगड्डा, पीलीकोठी और अर्दलीबाजार समेत शहर के विभिन्न इलाकों से निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी भी दोपहर तक बेनियाबाग मैदान पहुंचे। इनमें शामिल अंजुमनें नबी की शान में नातिया कलाम पेश करती चल रही थीं।

बेनियाबाग मैदान में दुआख्वानी के बाद लोग रेवड़ी तालाब मैदान पहुंचे। यहां काजी-ए-शहर ने मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और मिल्लत की खुशहाली के लिए दुआ की।

उलेमाओं ने हजरत मोहम्मद के जीवन और उनके उपदेशों पर प्रकाश डालते हुए लोगों से उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की। जुलूस के दौरान लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। वहीं, घरों में महिलाओं ने फातिहा पढ़कर पर्व मनाया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे शहर में पर्व सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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