क्रिकेट की पिच से चयन की जिम्मेदारी तक आशीष यादव का प्रेरणादायी सफर, 117 मैचों का अनुभव

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क्रिकेट की पिच से चयन की जिम्मेदारी तक आशीष यादव का प्रेरणादायी सफर, 117 मैचों का अनुभव


— अब भारतीय रेल की रणजी ट्रॉफी टीम के चयनकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका मिली

वाराणसी, 19 सितंबर (हि.स.)। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में कार्यालय अधीक्षक के पद पर कार्यरत क्रिकेटर आशीष यादव को रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (आरएसपीबी), नई दिल्ली ने भारतीय रेल की रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टीम के चयनकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी है। इसको लेकर बरेका और युवा खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है। आशीष यादव ने क्रिकेट की शुरुआत उत्तर प्रदेश के घरेलू क्रिकेट से की। वर्ष 2006 से 2010 तक उत्तर प्रदेश तथा 2010 से 2019 तक भारतीय रेल का रणजी ट्रॉफी में प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने क्रिकेट के विभिन्न प्रारूपों में 117 मैचों का अनुभव अर्जित किया।

———ऑलराउंड प्रदर्शन से बनाई अलग पहचान

बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्लो लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज के रूप में आशीष यादव ने मैदान पर एक प्रभावी ऑलराउंडर की भूमिका निभाई। उनके क्रिकेट सफर में रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी, विज्जी ट्रॉफी तथा इंडियन यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। उन्होंने सेंट्रल जोन का भी प्रतिनिधित्व किया। लंबे समय तक उच्च स्तर की क्रिकेट खेलने के अनुभव ने उन्हें खेल की बारीकियों को करीब से समझने का अवसर दिया। तकनीक, फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, मैच की परिस्थितियों और टीम की जरूरतों की समझ उनके अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी।

बरेका के जनसम्पर्क अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार,आशीष यादव के क्रिकेट सफर की विशेषता यह है कि उन्होंने खिलाड़ी के रूप में मैदान की चुनौतियों को स्वयं जिया है और अब चयनकर्ता के रूप में उन्हीं अनुभवों के आधार पर प्रतिभाओं को परखने की जिम्मेदारी निभाएंगे। उनका मानना है कि क्रिकेट केवल रन और विकेट का खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में लगातार बेहतर करने की कला है। खिलाड़ी के रूप में मिले इन्हीं अनुभवों को वे अब युवा क्रिकेटरों की पहचान और चयन की प्रक्रिया में उपयोग कर रहे हैं। क्रिकेट के मैदान पर वर्षों तक पसीना बहाने वाला खिलाड़ी जब प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें सही अवसर देने की जिम्मेदारी संभालता है, तो उसका अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बन जाता है। उन्होंने कहा कि मैदान पर खिलाड़ी के रूप में लंबी पारी खेलने के बाद अब आशीष यादव ने अपनी क्रिकेट यात्रा में एक नई भूमिका जोड़ी है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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