पांच शाम संगीत के नाम, कजरी से शास्त्रीय सुरों तक सजेगा विंध्य का सांस्कृतिक मंच
मीरजापुर, 24 अगस्त (हि.स.)। सावन की विदाई और रक्षाबंधन की आहट के बीच मीरजापुर एक बार फिर अपनी समृद्ध संगीत परंपरा को सुरों में संजोने जा रहा है। गजिया टोला गऊघाट स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर में सोमवार से पांच दिवसीय संगीत समारोह का आगाज होगा। यहां लोकगीत कजरी से लेकर भजन, गजल और शास्त्रीय संगीत तक की प्रस्तुतियां श्रोताओं को अलग-अलग रंगों से रूबरू कराएंगी।
मीरजापुर लोक कला संगीत, संस्कृति प्रचारिणी समिति की ओर से आयोजित इस समारोह में करीब 80 कला साधक अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
आयोजक राजकुमार खत्री के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि विंध्य क्षेत्र की पारंपरिक संगीत विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
समारोह के मुख्य अतिथि बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत स्वामी डा. योगानंद गिरि महाराज होंगे। मार्गदर्शक मंडल में पद्मश्री कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव, नपा अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी, वरिष्ठ साहित्यकार सलिल पांडेय और संगीत अनुरागी ओमप्रकाश मिश्र शामिल हैं।
कजरी से शुरू होगा सुरों का सफर
समारोह की पहली दो शाम यानी 24 और 25 अगस्त कजरी के नाम रहेंगी। मीरजापुर की पहचान से जुड़ी कजरी में सावन, प्रेम, प्रकृति और ग्रामीण जीवन की झलक दिखाई देगी। इसके बाद 26 और 27 अगस्त को सुगम संगीत, भजन-गजल और उपशास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। अंतिम दिन 28 अगस्त को शास्त्रीय संगीत के साथ समारोह का समापन होगा। सभी कार्यक्रम शाम आठ बजे से शुरू होंगे।
नए कलाकारों को भी मिलेगा अवसर
आयोजन की खासियत यह है कि स्थापित कलाकारों के साथ नवोदित प्रतिभाओं को भी मंच मिलेगा। नगर और आसपास के क्षेत्रों के संगीत साधकों के अलावा बाहर से आने वाले कलाकार भी अपनी कला प्रस्तुत करेंगे। मंदिर परिसर में मां विंध्यवासिनी की आराधना के साथ भगवान शिव और प्रभु श्रीराम की महिमा का गुणगान भी होगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

