पौष पूर्णिमा पर विंध्यधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, फूलों से सजी मां के दर्शन को बेताब दिखे श्रद्धालु
मीरजापुर, 03 जनवरी (हि.स.)। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर शनिवार को जगत जननी मां विंध्यवासिनी देवी के धाम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भोर से ही मां के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देवी मां का फूलों से किया गया अलौकिक श्रृंगार भक्तों को भाव-विभोर कर गया। घंटा, घड़ियाल और शंखनाद के साथ गूंजते जय मां विंध्यवासिनी के जयघोष से पूरा धाम परिसर भक्तिमय हो उठा।
शनिवार को मंगला आरती के उपरांत ही दर्शनार्थियों का तांता लग गया। कड़ाके की ठंड और गलन भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। नारियल, चुनरी, लाचीदाना, रक्षा-रोरी और प्रसाद लिए भक्त मां के दरबार की ओर बढ़ते चले गए। मंदिर की छत पर अनुष्ठान और पाठ का क्रम चलता रहा, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा।
सुबह और शाम के समय विंध्यधाम में श्रद्धालुओं की भीड़ सबसे अधिक देखी गई। कोई गर्भगृह में जाकर मां के चरणों में शीश नवाता रहा तो कोई झांकी दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करता नजर आया। कतारबद्ध खड़े श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद भक्तों ने मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों में भी पूजन-अर्चन किया। दर्शन-पूजन के उपरांत दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने विंध्याचल की गलियों में सजी दुकानों से प्रसाद व धार्मिक वस्तुओं की जमकर खरीदारी की।
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दर्शन-पूजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने में पंडा समाज के लोग भी पूरी मुस्तैदी से जुटे रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

