विंध्‍यधाम में बुलबुलों ने दंगल में ठोंकी ताल और विरोधी को कर दिया चित

WhatsApp Channel Join Now
विंध्‍यधाम में बुलबुलों ने दंगल में ठोंकी ताल और विरोधी को कर दिया चित


-विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए।

मीरजापुर, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के विंध्य धाम की सदियों पुरानी परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी, जब शनिवार की सुबह पुरानी वीआईपी मार्ग स्थित हनुमान जी मंदिर प्रांगण में प्राचीन बुलबुल दंगल प्रतियोगिता शुरु हुई ।यह अनोखा मुकाबला देर रात बारह बजे तक रोमांच और उत्साह के साथ पुरस्कार वितरण तक चला।

हर साल मकर संक्रांति से चार दिन पूर्व आयोजित होने वाली इस पारंपरिक प्रतियोगिता में इस बार 117 टीमों ने भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। प्रत्येक टीम में चार-चार बुलबुलों को शामिल किया गया था। दस राउंड तक चले मुकाबलों के बाद रात करीब 12 बजे परिणाम घोषित किए गए।

प्रतियोगिता का सबसे रोमांचक मुकाबला कल्लू 6 क्लब के मालिक यस पांडेय और अद्विक क्लब टू के मालिक यस पाठक की बुलबुलों के बीच देखने को मिला। लगभग आधे घंटे तक चले इस जबरदस्त दंगल में दर्शकों की सांसें थमी रहीं। अंततः कल्लू 6 क्लब की बुलबुल ने बाज़ी मारकर प्रथम स्थान हासिल किया। अद्विक टू क्लब को दूसरा, भीम टू क्लब को तीसरा और डी कंपनी को चौथा स्थान मिला।

विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रथम स्थान पर सोफा सेट, द्वितीय स्थान पर डाइनिंग टेबल तथा तृतीय व चतुर्थ स्थान के विजेताओं को आलमारी भेंट की गई। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। खास बात यह रही कि जीत-हार के निर्णय के बाद सभी बुलबुलों को आज़ाद कर दिया गया।

प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका राजू पाठक, धीरज मिश्र और रतन मोहन मिश्र ने निभाई। आयोजन के दौरान तारा चन्द गुप्ता, संजय पांडेय, पवन मिश्रा, अश्वनी उपाध्याय, संदीप उपाध्याय, अभय मिश्रा सहित विन्ध्य धाम के बड़ी संख्या में नागरिक और विभिन्न टीमों के बुलबुल मालिक मौजूद रहे। पूरी रात उत्सव जैसा माहौल बना रहा और परंपरा, रोमांच व लोक संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

Share this story