विंध्याचल धाम पहुंचे कथावाचक राजन महाराज, बोले- धर्म में आस्था ही जीवन का आधार
- राजन महाराज ने मां के चरणों में नवाया शीश, भक्तों ने लिया आशीष
- देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार विंध्यधाम के बदले स्वरूप को देख हुए प्रभावित
मीरजापुर, 03 अप्रैल (हि.स.)। विंध्याचल धाम में शुक्रवार काे उस समय आध्यात्मिक वातावरण और भी भावपूर्ण हो उठा, जब प्रसिद्ध कथावाचक राजन महाराज मां आदिशक्ति माता विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर देश की समृद्धि, शांति और जन-जन की खुशहाली की कामना की।
इस दौरान आचार्य अगस्त्य द्विवेदी के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। मां के चरणों में नमन करते हुए राजन महाराज ने कहा कि धर्म में अटूट विश्वास ही जीवन को संतुलित और सुखी बनाता है। जो व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चलता है, वह हर परिस्थिति में प्रसन्न रहता है। विंध्याचल धाम के बदले स्वरूप को देखकर वे खासे प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में धाम ने भव्यता, स्वच्छता और सुव्यवस्था के नए आयाम स्थापित किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किए गए विकास कार्य वास्तव में सराहनीय हैं।
बताया गया कि राजन महाराज इन दिनों प्रयागराज के हंडिया क्षेत्र में चल रही कथा के दौरान मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए विशेष रूप से विंध्याचल पहुंचे थे। उन्होंने शासन-प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि यहां की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और साफ-सफाई में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि इन व्यवस्थाओं से न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं को सुविधा मिली है, बल्कि दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भी दर्शन प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सहज और सुगम हो गई है। विंध्याचल धाम को उन्होंने देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार बताते हुए कहा कि यहां हर श्रद्धालु की गहरी आस्था जुड़ी है।
राजन महाराज ने विश्वास जताया कि धाम का यह तेजी से हो रहा विकास धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उनके आगमन से स्थानीय श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में भक्तों ने उनसे आशीर्वाद लिया और धार्मिक चर्चा में भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

