सप्तमी पर विंध्य धाम में उमड़ा जनसैलाब, कालरात्रि दर्शन को चार लाख श्रद्धालु पहुंचे
मीरजापुर, 25 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्र की सप्तमी तिथि पर बुधवार को मां विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कालरात्रि स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से देर शाम तक भक्तों की भारी भीड़ रही। अनुमानतः चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।
भोर में गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु मंदिर की ओर बढ़े। नई वीआईपी मार्ग, कोतवाली मार्ग और अन्य प्रमुख रास्तों पर लंबी कतारें लगी रहीं। प्रथम प्रवेश द्वार से लगी कतार मुख्य सड़क तक पहुंच गई, जबकि द्वितीय प्रवेश द्वार से पुरानी वीआईपी मार्ग होते हुए रामजानकी मंदिर तक श्रद्धालु खड़े रहे। दोपहर में कुछ राहत के बाद शाम होते-होते भीड़ फिर बढ़ गई।
मंदिर परिसर में पुरोहितों द्वारा अनुष्ठान जारी रहा, वहीं विंध्य कॉरिडोर क्षेत्र में मुंडन और यज्ञोपवीत संस्कार भी संपन्न होते रहे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार मौके पर डटे रहे। विंध्यपंडा समाज के पदाधिकारी भी श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए शिफ्टवार ड्यूटी करते नजर आए। सुरक्षा के दृष्टिगत पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी व अन्य सुरक्षा बल तैनात रहे। प्रमुख मार्गों और त्रिकोण परिक्रमा पथ पर भीड़ में खासा इजाफा देखा गया।
कंदराओं में साधना में लीन रहे साधक
सप्तमी तिथि की निशा रात्रि में देश के विभिन्न हिस्सों से आए साधक विंध्य क्षेत्र की कंदराओं में साधना में लीन रहे। राम गया घाट, तारा मंदिर, भैरव कुंड, सीता कुंड, काली खोह, गेरुआ तालाब और मोतिया तालाब जैसे स्थानों पर तांत्रिक अनुष्ठान और साधना का क्रम चलता रहा। जानकारों के अनुसार साधक यहां तंत्र-मंत्र के माध्यम से अपनी शक्ति का नवीनीकरण कर वर्षभर के लिए ऊर्जा अर्जित करते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

