विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी

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विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी


मीरजापुर, 11 जून (हि.स.)। विकास खंड हलिया स्थित बहुउद्देशीय किसान कल्याण केंद्र हथेड़ा पर गुरुवार को विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं लाभकारी खेती के तरीकों की जानकारी देकर कृषि उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम फेलो गौरव सिंह ने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों, कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक सलाह से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने किसानों से अपनी मिट्टी की जांच कराने तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की। साथ ही प्रमाणित एवं उन्नत बीजों के उपयोग, समय से बुवाई और फसल चक्र अपनाने पर जोर दिया।

उन्होंने जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। फसलों में रोग एवं कीट नियंत्रण के लिए कृषि विशेषज्ञों के सुझावों का पालन करने तथा रसायनों का संतुलित उपयोग करने पर भी बल दिया। इसके अलावा दलहन, तिलहन, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को अपनाकर आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने के लिए किसानों को प्रेरित किया।

सहायक विकास अधिकारी (कृषि) नरेंद्र कानापुरिया ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लाभ, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं सागरिका के उपयोग, सीड ड्रिल बुवाई, एफपीओ से जुड़ने तथा सरकार द्वारा संचालित अनुदानित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं कृषि यंत्रीकरण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान खरीफ फसल की उन्नत खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों के बीच धान एवं ढैंचा के बीजों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

किसानों को दिए गए प्रमुख सुझाव

- मिट्टी की जांच कराकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करें।

- प्रमाणित एवं उन्नत बीजों का उपयोग करें।

- ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक अपनाएं।

- फसल चक्र और संतुलित पोषण पर ध्यान दें।

- एफपीओ से जुड़कर बाजार एवं योजनाओं का लाभ लें।

- कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन को भी अपनाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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