वाराणसी में अब गलियों की सफाई से लेकर सड़कों के गड्ढों पर रहेगी कैमरे नजर

WhatsApp Channel Join Now
वाराणसी में अब गलियों की सफाई से लेकर सड़कों के गड्ढों पर रहेगी कैमरे नजर


-पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में पांच वार्डों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में लगेंगे कैमरे

-नगर विकास मंत्री ने की समीक्षा

वाराणसी, 15 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को कचहरी स्थित सर्किट हाउस सभागार में नगर निगम के अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर विकास मंत्री ने शहर की सफाई, सीवर और विकास कार्यों की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद डोर टू डोर कूड़ा उठान को लेकर भी अफसरों को दिशा निर्देश दिया।

बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों में अब कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के माध्यम से न सिर्फ कूड़ा उठान, बल्कि गलियों की सफाई, सड़कों के गड्ढे और दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों की भी डिजिटल मॉनिटरिंग की जा सकेगी। सफाई वाहनों में कैमरा लगाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में पांच वार्डों से शुरू किया जा रहा है। शहर के सभी छोटे-बड़े 386 नालों की सफाई का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। खास बात यह है कि इस वर्ष नालों की सफाई की निगरानी ड्रोन कैमरे से कराई गई है। नगर आयुक्त ने बताया कि रामनगर और सूजाबाद सहित शहर के 22 वार्डों में सीवर नेटवर्क को दुरुस्त करने और शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। प्रथम चरण में पांच वार्डों में काम शुरू किया जा चुका है, जिसे आगामी दिसंबर या जनवरी माह तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र ने बताया कि 128 बड़े नालों में से 100 की सफाई हो चुकी है, वहीं एसके चौधरी ने बताया कि 258 छोटे नालों में से 249 नालों की सफाई पूरी कर ली गई है। शेष आठ नालों का काम भी जल्द पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, मानसून के दौरान जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई टीम का गठन करने का निर्णय लिया गया है। जलकल के महाप्रबंधक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि 72 किमी स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन में से जलकल के अधीन आने वाली 20 किमी लाइन की सफाई हो चुकी है।

——कंचनपुर और सारंग तालाब में विकसित होंगे मियावाकी वन', बनेंगे 10 थीम पार्क

नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के सुंदरीकरण को बढ़ावा देने के लिए डोमरी-सूजाबाद की तर्ज पर अब कंचनपुर व सारंग तालाब में भी मियावाकी वन (घने जंगल) विकसित किए जा रहे हैं। नगर विकास मंत्री ने डोमरी-सूजाबाद के मियावाकी वन की सराहना की और निर्देश दिया कि जहां से गारबेज पॉइंट (कूड़े के ढेर) हटाए गए हैं, वहां प्लांटेशन कराकर सुंदरीकरण किया जाए। इसके साथ ही शहर में 10 नए थिमेटिक पार्क विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

Share this story