मां विंध्यवासिनी के दरबार में दो दिन में 33 लाख से अधिक का चढ़ावा
मीरजापुर, 08 जनवरी (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर दानपात्रों में नजर आई। मंदिर और परिक्रमा पथ प्रांगण में लगे दानपात्रों से दो दिनों (बुधवार, गुरुवार) में 33 लाख रुपये से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई है। दूसरे दिन गुरुवार को कुल 12 दानपात्र खोले गए, जिनसे 21 लाख 90 हजार आठ रुपये निकले।
गुरुवार सुबह नायब तहसीलदार सदर गरिमा यादव की निगरानी में दानपात्रों की गणना शुरू हुई। मां विंध्यवासिनी मंदिर की छत पर स्थित श्री पंडा समाज के कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे और पुलिस सुरक्षा के बीच राजस्व विभाग के अमीनों ने नोट व सिक्कों की गिनती की, जो देर शाम तक चली। गणना में 21 लाख 79 हजार 888 रुपये नोट के रूप में तथा 20 हजार 120 रुपये सिक्कों के रूप में मिले।
गिनती पूरी होने के बाद प्राप्त धनराशि विंध्य विकास परिषद की पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के खाते में भारतीय स्टेट बैंक की विंध्याचल शाखा में जमा कराई गई। इससे पहले बुधवार को तीन दानपात्र खोले गए थे, जिनसे 12 लाख तीन हजार 150 रुपये की गिनती हुई थी।
गणना के दौरान राजस्व विभाग के अमीन सूरज सोनकर सहित विंध्य विकास परिषद के लिपिक ईश्वर दत्त त्रिपाठी, विजय शंकर दुबे, चंद्रमणि तिवारी, ज्ञानेंद्र पाठक, झब्बू लाल, प्रवेश तिवारी, रविंद्र सिंह, रघुनाथ शुक्ला, राजेंद्र, लवकुश तिवारी, प्रेमशंकर तिवारी, सुरेंद्र तिवारी, सूर्य मोहन, शमशेर अली, भैरव राम समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

