आधार की तर्ज पर हर पशु को जारी होगी यूनिक आईडी, डीएम ने नोडल अधिकारी किए नामित
महोबा, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के महोबा में अब पशुओं की भी आधार की तरह एक यूनिक आईडी बनेगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गजल भारद्वाज की अध्यक्षता में नेशनल डिजिटल लाइव स्टॉक मिशन के सुचारु संचालन और क्रियान्वयन के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में डीएम ने बताया कि पशुधन का डिजिटलीकरण होगा और उन्हें यूनिक पहचान यूनिक आईडी मिलेगी।
जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में नेशनल डिजिटल लाइव स्टॉक मिशन के सुचारू रूप से संचालन के लिए हुई बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के तहत जनपद के सभी शत प्रतिशत डिजिटलीकरण किया जाएगा। आधार की तर्ज पर एक यूनिक आईडी जारी की जाएगी। जिससे हर पशु की अपनी एक अलग पहचान स्थापित हो सकेगी। जिसके लिए उन्होंने सभी पशुओं की ईयर टैगिंग कर 'भारत पशुधन पोर्टल' पर डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस डेटाबेस में पशु की उम्र, नस्ल और टीकाकरण का पूरा इतिहास दर्ज होगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म होगा, व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और समय पर उपचार मिलने से पशुओं की मृत्यु दर में कमी आएगी, जिससे अंततः पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। पोर्टल पर डेटा एंट्री के कार्य को गति देने के लिए ग्राम्य विकास, पंचायती राज और नगर विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण स्तर पर इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और पंचायत सहायक को पंचायत नोडल अधिकारी नामित किया जा रहा है।
पंचायत नोडल अधिकारी जमीनी स्तर पर पशुपालकों का आधार और मोबाइल नंबर के साथ पंजीकरण करेंगे, पशुओं के जन्म-मृत्यु या खरीद-बिक्री का डेटा अपडेट करेंगे और क्षेत्र में किसी भी संक्रामक बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करेंगे। जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट नोडल अधिकारी और ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक नोडल अधिकारी पूरी प्रक्रिया की निरंतर निगरानी करेंगे।
डीएम ने ब्लॉक स्तरीय क्रियान्वयन समिति को अपने-अपने विकास खंडों में कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा कराने की हिदायत दी है।
बैठक में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति के सभी सदस्य, उप कृषि निदेशक, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी शामिल रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उपेन्द्र द्विवेदी

