समान नागरिक संहिता सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की आधारशिला: सभापति

WhatsApp Channel Join Now
समान नागरिक संहिता सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की आधारशिला: सभापति


मीरजापुर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश मीरजापुर जनपद में चुनार स्थित नैनागढ़ पैलेस में शनिवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के महत्व एवं सामाजिक प्रभाव विषय पर दो दिवसीय विचार संगोष्ठी शुरू हुई। संवैधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान की उत्तर प्रदेश विधान परिषद सचिवालय क्षेत्रीय शाखा की ओर से आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ विधान परिषद के सभापति और संस्थान के अध्यक्ष कुंवर मानवेंद्र सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया।

अपने संबोधन में सभापति ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धार्मिक आस्था पर प्रहार नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की आधारशिला है। उन्होंने इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस विषय पर व्यापक विमर्श जरूरी है।

संस्थान के अवैतनिक सचिव डॉ. राजेश सिंह ने समान नागरिक संहिता के ऐतिहासिक, कानूनी और सामाजिक पहलुओं की चर्चा की। उन्होंने शाहबानो प्रकरण का उदाहरण देते हुए समान नागरिक संहिता को जल्द लागू करने की अपील की।

संगोष्ठी में वक्ताओं ने एक देश, एक कानून की अवधारणा पर अपने विचार और सुझाव रखे। इस दौरान सीपी राय, प्रमोद मिश्रा, प्रो. बृजेश चंद्रा, सुरेंद्र यादव, डॉ. बीना पांडेय, एडवोकेट विश्राम यादव, डॉ. अरुण यादव, डॉ. कुसुम मानसी द्विवेदी, मंजू यादव और नूतन सिंह सहित अन्य लोगों ने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी में समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

766257 Articles

Share this story