गंगा में समाए दो चचेरे भाई, विंध्याचल घाट पर मचा कोहराम

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गंगा में समाए दो चचेरे भाई, विंध्याचल घाट पर मचा कोहराम


- मां विंध्यवासिनी के दर्शन से पहले हुआ हादसा, एसडीआरएफ चला रही सर्च अभियान

मीरजापुर, 11 मई (हि.स.)। विंध्याचल के दीवान घाट पर सोमवार को गंगा स्नान के दौरान आजमगढ़ से आए दो चचेरे भाई गहरे पानी में डूबकर लापता हो गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम देर शाम तक युवकों की तलाश में जुटी रही।

आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर थाना क्षेत्र से जायसवाल परिवार के 14 सदस्य मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए विंध्याचल आए थे। दर्शन से पहले सभी लोग दीवान घाट पर गंगा स्नान कर रहे थे। इसी दौरान 27 वर्षीय सूरज पुत्र संजय गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसका चचेरा भाई 20 वर्षीय अभिषेक पुत्र जयप्रकाश आगे बढ़ा, लेकिन वह भी तेज धारा में समा गया। देखते ही देखते दोनों युवक लापता हो गए।

परिवार के लोग घाट पर चीख-पुकार करते रह गए। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अविनाश राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की मदद से खोजबीन शुरू कराई गई। घटना के बाद सूरज की मां की हालत बिगड़ गई और वह बार-बार बेहोश होती रहीं।

क्षेत्राधिकारी विवेक जावला ने बताया कि घाट पर एसडीआरएफ की तैनाती थी और लगातार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दी जा रही थी। डूबने की सूचना मिलते ही टीम ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका।

--पुणे से गांव आया था परिवार, दर्शन से पहले टूटी खुशियां

लापता युवक सूरज के पिता संजय कई वर्षों से पुणे में आटा चक्की चलाते हैं, जबकि सूरज सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। परिवार हाल ही में वार्षिक पूजन के लिए गांव आया था। पूजा सम्पन्न होने के बाद सभी लोग मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए विंध्याचल पहुंचे थे। हादसे के बाद परिवार के 10 सदस्य वापस गांव लौट गए, जबकि पिता समेत चार लोग घाट पर डटे रहे।

--एसडीआरएफ की मौजूदगी पर उठे सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजन का आरोप है कि हादसे के वक्त घाट पर न तो गोताखोर मौजूद थे और न ही एसडीआरएफ की टीम। बताया गया कि चुनार गंगा पुल से एक युवक के कूदने की सूचना पर टीम वहां गई हुई थी। हालांकि क्षेत्राधिकारी विवेक जावला ने कहा कि एसडीआरएफ की दो टीमें थीं, जिनमें एक चुनार गई थी जबकि दूसरी टीम विंध्याचल घाट पर मौजूद थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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