टिकैत जयंती पर गूंजी किसानों के हक की आवाज, नौ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
फर्रुखाबाद,06 अक्तूबर (हि.स.)। किसानों के मसीहा और भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक स्वर्गीय बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला कार्यालय पर श्रद्धा और किसान हित के मुद्दों के साथ मनाई गई। संगठन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने हवन-पूजन कर बाबा टिकैत को श्रद्धांजलि अर्पित की। हवन में किसानों ने आहुतियां दीं और इसके बाद बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
कार्यक्रम के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया।
जयंती कार्यक्रम के साथ ही किसानों की समस्याओं को लेकर संगठन ने आवाज भी बुलंद की। जिलाधिकारी के नाम नौ सूत्रीय मांगपत्र तहसीलदार सदर फर्रुखाबाद विक्रम सिंह चाहर को सौंपा गया। किसान नेताओं ने कहा कि मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका समयबद्ध निस्तारण कराया जाए, ताकि किसानों को समस्याओं से राहत मिल सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है, लेकिन उसकी फसल की लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों को उनकी मेहनत तथा लागत के अनुरूप मूल्य मिलना चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने की बात लंबे समय से होती रही है, लेकिन किसान को खेती में बढ़ती लागत, बाजार और दूसरी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के सिद्धांतों पर चलते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
ब्लैक स्पॉट पर पहले पूरे हों सुरक्षा मानक, फिर चालान की कार्रवाई
अजय कटियार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-730सी पर चिह्नित ब्लैक स्पॉट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर यातायात विभाग द्वारा वाहन चालकों के चालान किए जा रहे हैं। संगठन की मांग है कि ब्लैक स्पॉट पर पहले आवश्यक संकेतक, सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों को पूरा कराया जाए। इसके बाद वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए और नियमों की जानकारी देने के उपरांत ही प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल चालान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि दुर्घटना संभावित स्थानों को सुरक्षित बनाना भी उतना ही जरूरी है।
सातनपुर आलू मंडी में बैंक और मूलभूत सुविधाओं की मांग
किसान नेता ने एशिया की प्रमुख सातनपुर आलू मंडी में किसानों और आढ़तियों की सुविधा के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोले जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि आलू का सीजन शुरू होने से पहले मंडी में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कराया जाना जरूरी है।
उन्होंने मंडी में होने वाले ऐसे लेनदेन पर भी रोक लगाने की मांग की, जो पारदर्शी व्यवस्था से बाहर किए जाते हैं। उनका कहना था कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान पूरी पारदर्शिता और सुरक्षित व्यवस्था के तहत मिलना चाहिए।
दूध खरीद में माप-तौल की व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य ने गांव-गांव संचालित नमस्ते इंडिया दूध डेयरी के दूध संग्रह केंद्रों पर इस्तेमाल होने वाले तौल उपकरणों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की, कि सभी दूध तौलने वाले उपकरणों का बांट-माप विभाग से सत्यापन कराया जाए, ताकि किसानों के साथ माप-तौल में किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने कहा कि सत्यापन संबंधी दस्तावेज भी किसानों के मांगने पर उन्हें उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इससे दूध उत्पादक किसानों को अपनी उपज की सही तौल और भुगतान को लेकर भरोसा मिलेगा।
टिकैत के सिद्धांतों पर चलने का आह्वान
किसान नेताओं ने कहा कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों को उनके अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का रास्ता दिखाया। किसानों को उनके सिद्धांतों और विचारों से प्रेरणा लेकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर

