भागवत कथा में गूंजा भक्ति और पर्यावरण का संदेश, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

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भागवत कथा में गूंजा भक्ति और पर्यावरण का संदेश, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर


मीरजापुर, 22 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में हलिया क्षेत्र के हथेड़ा गांव में चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार को कथा व्यास पंडित विष्णु धर द्विवेदी ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब तक भगवान कारागार में रहे, तब तक संसार में आनंद नहीं था। गोकुल पहुंचते ही आनंद की लहर फैल गई। उन्होंने कहा कि भगवान की अनुभूति इंद्रियों में होने से ही सच्ची भक्ति और आनंद की प्राप्ति संभव है।

कथा के दौरान पूतना प्रसंग के माध्यम से अविद्या के दुष्प्रभाव को समझाया गया। साथ ही गोकुल, वृंदावन, माखन चोरी और गोवर्धन लीला का विस्तार से वर्णन किया। व्यास जी ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पेड़-पौधों के बिना जीवन संभव नहीं है। बढ़ती गर्मी और घटती वर्षा का कारण पेड़ों की कटाई है। इसलिए हर व्यक्ति को कम से कम पांच पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। इस अवसर पर शिवकुमारी देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालु कथा श्रवण कर भाव-विभोर हो उठे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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