टेट की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का धरना-प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

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टेट की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का धरना-प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन


औरैया, 26 फ़रवरी (हि . स.)। उत्तर प्रदेश के टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी ) पास करने की अनिवार्यता के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ तथा जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, ककोर जनपद औरैया पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।

धरने को संबोधित करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि 1 सितंबर 2025 को उच्चतम न्यायालय के एक निर्णय के बाद शिक्षकों में अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस निर्णय से शिक्षक मानसिक रूप से चिंतित और असमंजस में हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण शिक्षकों में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने टेट परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि इससे कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।

धरने के उपरांत शिक्षकों ने नारे लिखी तख्तियां हाथों में लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुलूस निकाला। नारेबाजी करते हुए वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अखिलेश चंद्र यादव ने की। जूनियर शिक्षक संघ के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष लोकेश शुक्ला, मंत्री हरिवंश राजपूत, जिला उपाध्यक्ष ऋतुराज दुबे, नीरज कुमार, संजय सेंगर, अनिल यादव, अरुण यादव, ओमेन्द्र चौहान, सुनील यादव, दिनेश चतुर्वेदी, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, कमलेश चतुर्वेदी, गिरीश नारायण यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

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