मीरजापुर में जिला मुख्यालय से ही सभी गो आश्रय स्थलों की हो सकेगी निगरानी
मीरजापुर, 10 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने बड़ी पहल की है। अब जिले के गोवंश आश्रय स्थलों की निगरानी जिला मुख्यालय से की जाएगी। इसके लिए सभी चयनित 12 गो आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं। इन कैमराें से वहां की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी।
पशुपालन विभाग ने विकास भवन परिसर में कंट्रोल रूम स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंट्रोल रूम के माध्यम से आश्रय स्थलों में गोवंश के रखरखाव, चारा-पानी की व्यवस्था और साफ-सफाई की नियमित निगरानी की जाएगी। इससे केयर टेकरों की कार्यप्रणाली पर भी नजर रखी जा सकेगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। लंबे समय से सीसीटीवी लगाने की योजना धन के अभाव में लंबित थी। हाल ही में शासन की ओर से प्रत्येक कैमरे के लिए 50 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत होने के बाद यह कार्य तेजी से पूरा कराया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र पाठक ने बताया कि कंट्रोल रूम के सक्रिय होते ही सभी कैमरे जोड़ दिए जाएंगे। इससे न सिर्फ गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि बीमार पशुओं की पहचान कर समय पर इलाज भी कराया जा सकेगा। कंट्रोल रूम से संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सकों को तत्काल सूचना देकर मौके पर भेजा जाएगा। इस पहल से गोवंश संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

