दिल्ली में अखिलेश यादव को पुलिस हिरासत में लेने से उप्र में सपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

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दिल्ली में अखिलेश यादव को पुलिस हिरासत में लेने से उप्र में सपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन


लखनऊ, 21 जुलाई (हि.स.)। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डिंपल यादव सहित कई सांसदों को पुलिस हिरासत में लिए जाने से उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त नाराजगी देखी गई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ,कानपुर, झांसी, प्रयागराज, अयोध्या और फिरोजाबाद सहित लगभग सभी जनपदों में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि पार्टी प्रमुख द्वारा जब सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया गया कि पुलिस ने हिरासत से छोड़ दिया है और सभी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन बंद कर दें। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने आगे भी संघर्ष की चेतावनी देते हुए विरोध प्रदर्शन को खत्म कर दिया।

दिल्ली में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, झांसी, बहराइच, प्रयागराज, समेत सभी जिलों में सपा के लोगों ने अपने—अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। झांसी जिले में मंगलवार देर शाम सपा कार्यकर्ताओं ने इलाईट चौराहे पर धरना-प्रदर्शन का प्रयास किया। प्रदर्शन की सूचना पर नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और कार्यकर्ताओं को रोकते हुए कई नेताओं व समर्थकों को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए गए लोगों में पीडीए के नेता व सपा के प्रदेश सचिव महेश कश्यप, विश्व प्रताप सिंह सहित कई समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन यह कार्रवाई की। प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए क्षेत्र में हलचल का माहौल रहा, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में रही। बहराइच में सपा जिलाध्यक्ष राम हर्ष यादव के नेतृत्व में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीएम चौराहे पर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और कुछ देर के लिए चौराहे पर जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया।

चित्रकूट के सदर विधायक अनिल प्रधान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यालय स्थित धनुष चौराहा पर विरोध प्रदर्शन किया। फिरोजाबाद जिले में सुभाष तिराहे और जिला मुख्यालय पर नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

विधायक अनिल प्रधान ने कहा कि देश का युवा लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ियों से परेशान हैं। सरकार उनकी मांग सुनने को तैयार नहीं है। नीट के पेपर में चीट करके मोदी सरकार खुद फंस गई है और लोगों में नाराजगी है।

कानपुर में विधायक अमिताभ बाजपेयी की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्टी नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए इसकी निंदा की और इसे सरकार का अहंकार करार दिया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि युवाओं, छात्रों और बेरोजगारों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया तथा प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए। इसके विरोध में विपक्षी दलों द्वारा धरना दिया जा रहा था, जहां नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

विधायक अमिताभ ने कहा कि विपक्षी नेताओं को बलपूर्वक हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि अन्याय और दमन के विरुद्ध समाजवादी पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

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