सपा के परिवारवाद पर सोहन लाल श्रीमाली का तीखा हमला, बोले- राजनीति में परिवार नहीं, समाज के हर वर्ग को मिले मौका
मीरजापुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद को लेकर तीखा हमला बोलते हुए उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली ने कहा कि राजनीति में परिवारवाद के बजाय समाज के सभी वर्गों को उचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान नगर पालिका से लेकर विधायक और सांसद तक के पदों पर परिवार के लोगों को प्राथमिकता दी जाती थी। श्रीमाली के इस बयान से मीरजापुर की पत्रकार वार्ता में सपा की राजनीतिक कार्यशैली का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।
शुक्रवार को ओझाला पुल स्थित सेवाधाम कार्यालय, कंतित में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रीमाली ने सपा पर निशाना साधने के साथ ही पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी बनना पढ़ाई और परिश्रम के बाद मिलने वाली बड़ी उपलब्धि है, जबकि विधायक बनना भी आसान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई बड़े राजनीतिक दल से चुनाव लड़ने के लिए आता है, तो परिस्थितियां अलग हो सकती हैं।
सपा पर परिवारवाद का आरोप, राजनीति में अवसरों को लेकर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए सोहन लाल श्रीमाली ने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति में परिवार के लोगों को प्राथमिकता दी जाती रही है। उन्होंने नगर पालिका से लेकर विधायक और सांसद जैसे पदों का उल्लेख करते हुए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
श्रीमाली ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल परिवार के लोगों को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों को अवसर देना होना चाहिए। उनके इस बयान ने सपा बनाम भाजपा की राजनीतिक बहस को एक बार फिर परिवारवाद और सामाजिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर केंद्रित कर दिया।
दिव्या मित्तल के चुनाव लड़ने की चर्चा पर बोले— डीएम बनना बड़ी उपलब्धि, विधायक बनना भी आसान नहीं
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके चुनावी राजनीति में उतरने की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर श्रीमाली ने कहा कि जिलाधिकारी के पद तक पहुंचना कठिन परिश्रम और पढ़ाई का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी रहते हुए भी सामाजिक कार्यों के माध्यम से बेहतर योगदान दिया जा सकता था।
विधायक बनने की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह भी आसान काम नहीं है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि किसी बड़े राजनीतिक दल से चुनाव लड़ने की स्थिति में परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। उनके बयान के बाद दिव्या मित्तल के संभावित राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा ने पत्रकार वार्ता में ध्यान खींचा।
तीसरी बार उपाध्यक्ष बनने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता का जताया आभार
उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) के रूप में लगातार तीसरी बार जिम्मेदारी मिलने के बाद मीरजापुर पहुंचे श्रीमाली ने भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनपदवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कछवां चौराहे से लेकर नगर क्षेत्र और मां विंध्यवासिनी धाम तक जिस उत्साह और आत्मीयता से उनका स्वागत हुआ, वह उनके लिए अविस्मरणीय है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पिछड़े समाज और समाजहित में काम करने वाले कार्यकर्ताओं का भी सम्मान है। जनता से मिला स्नेह उन्हें जनसेवा के लिए और अधिक समर्पित होकर काम करने की प्रेरणा देता है।
पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा आयोग की प्राथमिकता
श्रीमाली ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का प्रमुख उद्देश्य पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा करना, उनकी शिकायतों को सुनना और अधिकारों से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। आयोग शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति और सामाजिक न्याय से संबंधित मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार पिछड़े, वंचित और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है। आयोग का प्रयास रहेगा कि पात्र लोगों की समस्याएं उचित स्तर तक पहुंचें और उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

