एआई के इस्तेमाल में आगे बढ़ रहा समाज कल्याण विभाग, शिक्षा से योजनाओं तक नई पहल
- सर्वोदय विद्यालयों में एआई आधारित तकनीकों के इस्तेमाल की शुरुआत
- पेंशन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में एआई के उपयोग से मॉनिटरिंग की तैयारी
लखनऊ, 09 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले अग्रणी विभागों में शामिल हो रहा है। विभाग ने इसकी शुरुआत शिक्षा के क्षेत्र से की है। सर्वोदय विद्यालयों में एआई आधारित तकनीकों के इस्तेमाल की शुरुआत हो चुकी है, जबकि अब विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में भी एआई के उपयोग की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
सर्वोदय विद्यालयों में एआई आधारित तकनीकों के इस्तेमाल की शुरुआत हो चुकी है। स्मार्ट क्लास, डिजिटल सामग्री, थ्री डी वीडियो और एआई आधारित लैंग्वेज लर्निंग लैब के जरिए पढ़ाई को बेहतर बनाया जा रहा है।
एडोब एजुकेशन
इंडिया पहल के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों को एडोब डिजिटल एकेडमी के माध्यम से डिजिटल क्रिएटिविटी और एआई कौशल का प्रशिक्षण मिल रहा है। इससे विद्यार्थी डिजिटल स्टोरीटेलिंग, रचनात्मक समस्या-समाधान और एआई -सहायित कंटेंट निर्माण जैसे भविष्य के जरूरी कौशल सीख रहे हैं।
प्रमाण पत्र सत्यापन की तैयारी
वृद्धावस्था पेंशन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में एआई आधारित प्रमाण पत्र सत्यापन का उपयोग प्रस्तावित है। इसके माध्यम से प्रमाण पत्रों की जांच प्रक्रिया को अधिक सरल और तेज बनाने में मदद मिलेगी।
छात्रवृत्ति की मॉनिटरिंग होगी और प्रभावी
छात्रवृत्ति योजना में आवेदन और लाभ वितरण से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण के लिए एआई के इस्तेमाल का प्रस्ताव है। डेटा के विश्लेषण के जरिए योजना की मॉनिटरिंग को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने पर जोर
राजकीय छात्रावासों में विद्यार्थियों को एआई और पाठ्यक्रम आधारित प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जाएगा, जिससे उनमें आधुनिक तकनीकी कौशल विकसित हो सके।
समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने इस संबंध में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। इसमें एआई तकनीक उपयोग का वास्तविक उद्देश्य व्यवस्था को सरल बनाना और नागरिक को बेहतर सेवा देना है। एआई का इस्तेमाल समाज कल्याण विभाग के कार्यों को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाने में मददगार साबित हो रहा है। योजनाओं की मॉनिटरिंग, डेटा विश्लेषण और प्रमाण पत्रों के सत्यापन में इसके उपयोग से पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को एआई और आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें भविष्य की शिक्षा, कौशल और रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

