आधुनिक तकनीकों के सहारे यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा स्किल हब

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आधुनिक तकनीकों के सहारे यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा स्किल हब


गोरखपुर, 12 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के होटल रमाडा में मंगलवार को ‘संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सरकार, उद्योग जगत, निजी आईटीआई संचालकों और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने युवाओं को रोजगारोन्मुखी एवं भविष्य आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने को लेकर व्यापक मंथन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने की। इस दौरान विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम, मिशन निदेशक पुलकित खरे एवं संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार सहित गोरखपुर, बस्ती एवं अयोध्या मंडल के निजी आईटीआई संचालक, प्रशिक्षण प्रदाता और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला कौशल विकास संस्थान हैं और आज के समय में युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला हुनर उपलब्ध कराना सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ एमओयू कर 150 सरकारी आईटीआई को आधुनिक तकनीकों से अपग्रेड किया है, जहाँ एआई, ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स, एडवांस डिजाइनिंग और अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों में आधुनिक लैब और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि युवाओं को उद्योगों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि जल्द ही 62 और आईटीआई को भी इस परियोजना से जोड़ा जाएगा, जिससे प्रदेश का तकनीकी शिक्षा ढांचा और अधिक मजबूत होगा।

प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास को केवल एक पाठ्यक्रम या प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह युवाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बन चुका है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और उद्योगों की आवश्यकताओं को देखते हुए अब पारंपरिक शिक्षा के साथ कौशल आधारित शिक्षा को जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप अब स्कूली स्तर पर भी व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत माध्यमिक एवं एडेड स्कूलों के विद्यार्थियों को स्कूल के बाद एक घंटे का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें बच्चे अपनी रुचि के अनुसार क्षेत्र का चयन स्वयं करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के ढाई हजार से अधिक स्कूल इस परियोजना से जुड़ चुके हैं और लगभग ढाई लाख विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है। प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों का आकलन एवं प्रमाणन भी कराया जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अधिक से अधिक स्कूलों को इस पहल से जोड़ा जाएगा।

पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेश में 900 से अधिक जॉब रोल्स में प्रशिक्षण उपलब्ध है, जिससे युवाओं को उनकी रुचि और उद्योगों की मांग के अनुरूप अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 1000 से अधिक प्रशिक्षण साझेदार प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधुनिक तकनीकों और रोजगारपरक शिक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अंत में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षकों को मंत्री अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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