सिद्धपीठ हथियाराम मठ पीठाधीश्वर की चार माह तक चली रामहित यात्रा संपन्न
गाजीपुर, 28 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर में स्थित सिद्धपीठ हथियाराम मठ के 26वें महंत एवं जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति जी महाराज की रामहित यात्रा जनपद के जखनियां के मंझनपुर में समाप्त हुई। इस दौरान श्रीनाथ मठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री कौशलेंद्र गिरी जी महाराज मंच पर उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कानपुर प्रान्त प्रचारक श्रीराम जी एवं शिष्यगण के नेतृत्व में ग्रामसभा द्वारा किया गया।
उल्लेखनीय है कि सिद्धपीठ हथियाराम मठ की 750 सौ वर्ष प्राचीन परंपरा अनुसार एक निश्चित अवधि तक सिद्धपीठ से जुड़े शिष्यों के गांव में जाकर प्रवास करने के साथ ही धर्मोपदेश देने की परंपरा है। इसका निर्वहन सिद्धपीठ हथियाराम मठ पीठाधीश्वरों द्वारा सैकड़ों वर्षों की परंपरा अनुसार किया जाता है। गत वर्ष नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह से शुरू अपनी धार्मिक यात्रा के दौरान पीठाधिपति द्वारा आजमगढ़, बलिया, चंदौली और गाजीपुर जनपद के अनेक गांवों में प्रवास करते हुए पूजन-प्रवचन और गुरु दीक्षा के माध्यम से शिष्य श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश दिया गया। रामहित यात्रा के संबंध में उन्होंने कहाकि गुरु शिष्य की परंपरा सनातन धर्म का आधार रही है। प्राचीन काल से यह परंपरा रही है कि धर्माचार्य शिष्यों के बीच जाकर धर्मोपदेश देने का काम करें। सिद्धपीठ हथियाराम मठ पीठाधीश्वर द्वारा अपनी सैकड़ो वर्षों की परंपरा अनुसार वर्तमान में भी यह पवित्र अनुष्ठान संपन्न करता है।
शनिवार को रामहित यात्रा के दौरान हरिहरात्मक पूजन के उपरांत प्रवचन करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति ने कहा कि आज हिंदुओं का जीवन काफी व्यस्त हो गया है लेकिन इसमें कुछ समय निकाल कर भगवान की पूजा आराधना करना अत्यंत ही श्रेयस्कर है। धरा धाम पर आने के बाद इंसान भगवान को भूल चुका है जो सर्वथा अनुचित है। मानव जीवन में पूजन-अर्चन का काफी महत्व है। ईश वंदना से व्यक्ति के मन का शुद्धिकरण और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मानव जीवन की सार्थकता सिद्ध करते हुए भगवत भजन जैसा उत्तम कार्य करें। उन्होंने संत और सत्संग के सानिध्य में रहने से अच्छे विचारों का सृजन होने की बात कहते हुए बताया कि मनुष्य के अंदर प्रेम, भक्ति, श्रद्धा और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना होना जरूरी है।
इस दौरान मंझनपुर निवासी रणजीत सिंह, जितेंद्र सिंह वकील, रिपुंजय सिंह, रविन्द्र सिंह, जितेंद्र सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अंजनी सिंह, रामपूजन सिंह, संजय सिंह, मुकेश गिरी, अक्षय यादव, पारस नाथ गिरी, पारस नाथ शर्मा, शेखर राम, सुरेश राम, रजनीश यादव, फेरू राम, मुन्ना पांडे एवं आसपास के गणमान्यजन और काफी संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे उपस्थित रहे। करीब दस से अधिक दम्पत्तियों ने महाराजश्री से गुरु दीक्षा लेकर शिष्यत्व ग्रहण किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्री राम जयसवाल

