बेला, चमेली, गेंदा और गुड़हल के फूलों से सजीं बड़ी शीतला माता, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
- शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन अदलपुरा धाम में हुआ भव्य फूल बंगला श्रृंगार, जय माता दी के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
मीरजापुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को गंगा तट स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ अदलपुरा वाली बड़ी शीतला माता का बेला, चमेली, गेंदा और गुड़हल के फूलों से भव्य शृंगार किया गया। रंग-बिरंगे फूलों से सजे माता के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा।
सुबह मंगला आरती के बाद पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर का कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया। लाल चुनरी से सुसज्जित माता के विग्रह पर सफेद बेला और चमेली की मालाएं, पीले गेंदे की लड़ियां तथा लाल गुड़हल के फूल चढ़ाए गए। फूलों से सजे दरबार की मनमोहक छटा और उनकी सुगंध से पूरा गर्भगृह भक्तिमय हो उठा। नवरात्र के दूसरे दिन माता के इस विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे।
मंदिर के पुजारी बलिराम पुजारी, श्रीनाथ पुजारी, विजय साहनी और आशीष पुजारी ने बताया कि नवरात्र में माता का फूल बंगला श्रृंगार विशेष महत्व रखता है। मां शीतला को दयालु और कृपालु बताते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे मन से आराधना करने वाले भक्तों पर माता की कृपा बनी रहती है। भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और कष्टों से मुक्ति की कामना लेकर माता के दरबार में पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं ने माता के दिव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ गायत्री यादव, कोतवाल विजय शंकर सिंह और अदलपुरा पुलिस चौकी के मेला प्रभारी उपनिरीक्षक कुमार संतोष पुलिस बल के साथ तैनात रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

