मीरजापुरः न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था काे लेकर किया गया मॉक ड्रिल
मीरजापुर, 17 जुलाई (हि.स.)। न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य और प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को वृहद स्तर सुरक्षा मॉक ड्रिल किया गया। सुरक्षा समिति के अध्यक्ष न्यायाधीश की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और समन्वय का परीक्षण करना था।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में आयोजित मॉक ड्रिल का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर तथा क्षेत्राधिकारी अभिसूचना ने किया। प्रभारी निरीक्षक (सुरक्षा प्रभारी) की निगरानी में स्थानीय पुलिस बल के साथ बम निरोधक दस्ता (बीडीडीएस), श्वान दस्ता तथा अग्निशमन विभाग की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मॉक ड्रिल के दौरान बम निरोधक दस्ते एवं डॉग स्क्वाड ने न्यायालय परिसर, वीआईपी कक्ष, न्यायालय कक्षों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सघन जांच की। इस दौरान संदिग्ध वस्तु मिलने की स्थिति में उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने का अभ्यास भी किया गया। वहीं, अग्निशमन दल ने आकस्मिक आग लगने की स्थिति से निपटने, अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच तथा सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) का सफल प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान आपातकालीन अलार्म बजने पर सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया और रिस्पांस टाइम का भी परीक्षण किया गया, जो संतोषजनक एवं सराहनीय पाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह ने भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे अभ्यास आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा मॉक ड्रिल के दौरान न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी अभिसूचना सहित न्यायालय एवं पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

