चित्रकूट के राजाधिराज मत गजेंद्र नाथ के जलाभिषेक को उमडे़ शिव भक्त

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चित्रकूट के राजाधिराज मत गजेंद्र नाथ के जलाभिषेक को उमडे़ शिव भक्त


-भगवान ब्रह्मा द्वारा मंदाकिनी के रामघाट में की थी सृष्टि के प्रथम शिवलिंग की स्थापना

-लाखों शिवभक्तों ने बोल बंम के जयकारे लगा किया पूजन

चित्रकूट, 03 अगस्त (हि.स.)। सावन के पहले सोमवार को भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में मंदाकिनी के रामघाट पर भगवान ब्रह्मा द्वारा स्थापित सृष्टि के प्रथम शिवलिंग राजाधिराज स्वामी मत गजेंद्र नाथ भगवान के जलाभिषेक और पूजन को देशभर से लाखों शिवभक्तों का जमावड़ा लगा रहा। सुबह चार बजे से देर रात तक भगवान भोलेनाथ की पूजा और आराधना का सिलसिला जारी रहा।

धर्म नगरी चित्रकूट में आज सुबह से शिवभक्तों की खासी भीड़ देखने को मिल रही है। चित्रकूट के रामघाट में स्थित प्राचीन मतगजेंद्रनाथ शिव मंदिर में लाखों श्रद्धालु मन्दाकिनी नदी में स्नान कर भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने के लिए लाइनो में लगे हुए है। सावन के पहले सोमवार होने की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह चार बजे से ही भगवान शिव के दर्शन कर रहे हैं;

चित्रकूट के इस पौराणिक मत गजेंद्र नाथ मंदिर के व्यवस्थापक प्रदीप महाराज बताते है कि धर्म नगरी चित्रकूट के इस प्राचीन मंदिर में चार शिवलिंग एक साथ विराजमान हैं, जो अपने आप में अद्भुत है व पूरे भारतवर्ष में चार शिवलिंगों के दर्शन एक साथ दुर्लभ है। उन्होने बताया कि मान्यता है कि यहाँ सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा जी ने स्वयं यज्ञ करके यहाँ एक शिव लिंग अधिष्ठापित किया था। दूसरा शिवलिंग त्रेता युग में भगवान राम ने व अत्रि एवं अगस्त ऋषि ने एक एक शिवलिंग अधिष्ठापित किया है। इस ऐतिहासिक शिव मंदिर में भगवान शिव की सवारी नंदी होने का एक विशेष महत्व है।

कहा जाता है कि नंदी भगवान भोले को किसी को सब कुछ देने से रोकते है लेकिन इस पवित्र मंदिर में नंदी न होने से भगवान भोलेशंकर अपने भक्तों के द्वारा मांगी हर मुराद को पूरी करने के लिए स्वतंत्र हैं। जिससे यहां आने वाले भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है। जो अपने आप में विशेष महत्व रखता है। वहीं जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा सावन के पहले सोमवार को देखते हुए मंदाकिनी के रामघाट परिक्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। देर शाम मंदिर के प्रधान पुजारी विपिन महाराज द्वारा भगवान मत गजेंद्र नाथ की महाआरती की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल

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