आरटीई में गरीब बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित, आवेदन 2 फरवरी से
- कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में मिलेगा शिक्षा का अधिकार, आरटीई प्रवेश की समय-सारणी जारी
- तीन चरणों में मिलेगा आवेदन का अवसर, 2 व 21 फरवरी और 12 मार्च से आवेदन
लखनऊ, 19 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश में शिक्षा के समान अवसर और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में 25 फीसदी आरक्षण के तहत प्रवेश प्रक्रिया की समय-सारणी जारी कर दी है। इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के लाखों बच्चों को निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा।
जारी विभागीय निर्देशों के अनुसार यह प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सम्पन्न होगी। कक्षा 1 अथवा पूर्व-प्राथमिक स्तर पर पात्र बच्चों का चयन लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने सभी जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चयनित बच्चों का प्रवेश निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। इसके अतिरिक्त विद्यालयों को प्रवेश की स्थिति पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रारम्भिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था समाज के वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर प्रदान करती है। यह पहल शिक्षा में सामाजिक न्याय और समावेशन को मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रदेश के प्रत्येक पात्र बच्चे को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सभी चरणों की समय-सारणी जारी कर दी गई है। ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र बच्चों को निर्धारित समय में निजी विद्यालयों में प्रवेश मिल सके। शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया की सतत निगरानी करेगा।
आवेदन प्रक्रिया
प्रवेश के लिए आवेदन पूर्णतः ऑनलाइन आरटीई पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। अभिभावकों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा सत्यापन कर पात्र बच्चों का चयन लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा।
पात्रता
इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति एवं सामाजिक-शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों को वंचित श्रेणी में रखा गया है। इनमें अनाथ बच्चे, अलाभित समूह, दुर्बल वर्ग, निःशक्त, कैंसर अथवा एचआईवी पीड़ित माता पिता का बच्चा एवं दिव्यांगता/वृद्धावस्था/विधवा पेंशन प्राप्तकर्ता के बच्चाें को शामिल किया गया है।
ये हैं प्रवेश के लिए चरणबद्ध आवेदन तिथियां
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चरण आवेदन तिथि
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प्रथम चरण- 2 से 16 फरवरी तक
द्वितीय चरण- 21 फरवरी से 7 मार्च तक
तृतीय चरण- 12 से 25 मार्च तक
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ये हैं आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज
आवेदक के माता अथवा पिता का आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड एवं पेंशन अथवा दिव्यांगता सम्बंधी प्रमाण पत्र अनिवार्य होंगे।
शुल्क प्रतिपूर्ति
निजी विद्यालयों में प्रवेशित बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। शासन द्वारा प्रति छात्र निर्धारित धनराशि विद्यालयों को प्रदान की जाएगी।
यह है योजना का उद्देश्य
इस व्यवस्था का उद्देश्य समाज के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर बच्चों को निजी विद्यालयों में समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का अवसर प्रदान करना है, ताकि शिक्षा के माध्यम से उनका भविष्य सुरक्षित और सशक्त हो सके।
आयु-सीमा
नर्सरी में 3 से 4 वर्ष, एल.के.जी. में 4 से 5 वर्ष, यू.के.जी. में 5 से 6 वर्ष तथा कक्षा-1 में 6 से 7 वर्ष के आयु के बच्चों को प्रवेश मिलेगा। आयु की गणना एक अप्रैल 2026 से की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

