उप्र आबकारी विभाग को जून में मिला 5,173.56 करोड़ रुपये का राजस्व
लखनऊ, 03 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई कर माफियाओं पर शिकंजा कसा है।
जून में 16.05 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त
जून 2026 में विभाग ने 5,173.56 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जबकि पिछले वर्ष जून माह में यह आंकड़ा 4,458.23 करोड़ रुपये था। इस प्रकार जून माह में 16.05 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी नीतियां, तकनीकी निगरानी, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का सकारात्मक असर राजस्व संग्रह में देखने को मिल रहा है। इससे प्रदेश के विकास कार्यों को भी मजबूती मिल रही है।
अवैध शराब के खिलाफ व्यापक अभियान
योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई जारी है। आबकारी विभाग ने जून 2026 तक प्रदेशभर में दो लाख 65 हजार 870 छापेमारी अभियान चलाए। इस दौरान 29 हजार 267 अभियोग दर्ज किए गए और लगभग नौ लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान चार हजार 641 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 804 आरोपियों को जेल भेजा गया। इसके अलावा अवैध शराब की तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 31 वाहनों को भी जब्त किया गया।
राजस्व में 11.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज
आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आबकारी विभाग को 71 हजार 278 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया है। विभागीय अधिकारी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहे हैं। जून 2026 तक विभाग ने 15 हजार 809.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 14 हजार 228.91 करोड़ रुपये की तुलना में 1 हजार 580.34 करोड़ रुपये अधिक है। इस प्रकार विभाग ने 11.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
1500 से ज्यादा लोग गिरफ्तार
आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने शुक्रवार काे बताया कि जून माह में 87 हजार 646 छापे डाले गए। इस दौरान नौ हजार 764 अभियोग दर्ज किए गए और 2.56 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान एक हजार 513 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 283 को जेल भेजा गया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे सात वाहनों को जब्त किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला

