रीजेंसी हॉस्पिटल ने रचा कार्डियक और वैस्कुलर केयर में नया कीर्तिमान, तीन जटिल मामलों में बचाई जिंदगियां

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रीजेंसी हॉस्पिटल ने रचा कार्डियक और वैस्कुलर केयर में नया कीर्तिमान, तीन जटिल मामलों में बचाई जिंदगियां


कानपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर में रीजेंसी हॉस्पिटल ने कार्डियक और वैस्कुलर केयर के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने तीन अत्यंत जटिल और जानलेवा हृदय एवं रक्तवाहिका रोगों का सफल उपचार कर मरीजों को नया जीवन दिया। समय पर सटीक जांच, त्वरित निर्णय और उन्नत सर्जिकल तकनीक इन सफलताओं की आधारशिला रहीं।

तीनों जटिल मामलों का नेतृत्व कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. शशांक त्रिपाठी ने अपनी अनुभवी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के साथ किया। डॉ. त्रिपाठी ने शनिवार काे बताया कि तीनों मरीज बेहद नाज़ुक स्थिति में हॉस्पिटल पहुंचे थे, जहां समन्वित चिकित्सा प्रयासों से उनकी जान बचाई जा सकी।

पहले मामले में नेपाल की 22 वर्षीय युवती लंबे समय से सिरदर्द, सिर में भारीपन और अत्यधिक कमजोरी से पीड़ित थी। जांच में सामने आया कि गर्दन में तेज़ पल्स होने के बावजूद हाथों और पैरों में पल्स नहीं मिल रही थी। आगे की इमेजिंग जांच में एओर्टा की एक दुर्लभ जन्मजात विकृति (प्रीडक्टल कोआर्कटेशन) और रक्तवाहिकाओं की असामान्य संरचना पाई गई। जटिल स्थिति को देखते हुए सर्जिकल टीम ने ग्राफ्ट के माध्यम से बाईपास सर्जरी कर रक्त प्रवाह का नया मार्ग बनाया। सर्जरी के बाद मरीज का ब्लड प्रेशर सामान्य हुआ और चार दिन के भीतर उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।

दूसरे मामले में 77 वर्षीय उच्च रक्तचाप से पीड़ित बुजुर्ग को पेट में तेज़ दर्द और बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया। जांच में पेट की बड़ी धमनी में विशाल एन्यूरिज्म पाया गया, जिसके फटने का गंभीर खतरा था। मरीज की उम्र और स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने मिनिमली इनवेसिव एंडोवस्कुलर एन्यूरिज्म रिपेयर (ईवीएआर) तकनीक अपनाई। कवर्ड स्टेंट लगाकर धमनी को सुरक्षित किया गया, जिससे मरीज में तेजी से सुधार हुआ और उसे सुरक्षित डिस्चार्ज कर दिया गया।

तीसरे और सबसे गंभीर मामले में 70 वर्षीय बुजुर्ग को हार्ट अटैक के बाद हृदय के बाएं वेंट्रिकल में रप्चर और हार्ट के चारों ओर खून जमा होने की स्थिति में लाया गया। तत्काल ओपन हार्ट सर्जरी कर रप्चर को ठीक किया गया और कोरोनरी बाईपास सर्जरी भी की गई। सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर रही और वह लगातार स्वस्थ हो रहे हैं।

इन सफल उपचारों के साथ रीजेंसी हॉस्पिटल ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह जटिल कार्डियक और वैस्कुलर रोगों के इलाज में उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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