राम वनगमन का मंचन देख दर्शकों की आंखें हुईं नम

WhatsApp Channel Join Now
राम वनगमन का मंचन देख दर्शकों की आंखें हुईं नम


- विंध्याचल की रामलीला में कैकेयी-मंथरा संवाद ने किया भावुक, पंडाल में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे

मीरजापुर, 02 नवंबर (हि.स.)। मीरजापुर के विंध्याचल धाम में चल रही दस दिवसीय रामलीला के चौथे दिन रविवार रात राम वनगमन का भावपूर्ण मंचन किया गया। भगवान राम के वन जाने का दृश्य देखकर पंडाल में मौजूद दर्शकों की आंखें नम हो गईं। रामलीला देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे पहुंचे। मोतीझील मार्ग स्थित भंडारा स्थल परिसर का पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा।

मंचन की शुरुआत कैकेयी-मंथरा संवाद से हुई। राजा दशरथ गुरु वशिष्ठ के परामर्श पर राम के राज्याभिषेक की तैयारी करते हैं। इसकी जानकारी होने पर मंथरा कैकेयी को भरत के लिए राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगने के लिए उकसाती है। मंथरा की बातों में आकर कैकेयी कोप भवन में चली जाती हैं और राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांगती हैं। कैकेयी की मांग सुनकर राजा दशरथ व्याकुल हो उठते हैं। पिता के वचन और आज्ञा का पालन करते हुए भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ वन के लिए प्रस्थान करते हैं। इस दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके साथ ही लक्ष्मण-परशुराम संवाद का भी मंचन हुआ।

मंचन से पूर्व मुख्य अतिथि युवा उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व पश्चिम उपाध्यक्ष हर्षित खत्री तथा उनके छोटे भाई हर्ष खत्री ने समिति के पदाधिकारियों के साथ भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की आरती की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

770900 Articles

Share this story