बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है पॉक्सो कानून : एसीजेएम

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बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है पॉक्सो कानून : एसीजेएम


हाथरस, 30 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में चाइल्ड हेल्पलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सादाबाद इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आकांक्षा तिवारी ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो कानून के प्रावधानों और बच्चों की सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी।

एसीजेएम ने बताया कि पॉक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) एक्ट-2012 के तहत 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति को बच्चा माना गया है। यह कानून बच्चों को विभिन्न प्रकार के लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में बच्चों के सामने ऑनलाइन माध्यमों से भी लैंगिक अपराध का खतरा बढ़ा है। इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, व्हाट्सऐप, गेमिंग प्लेटफॉर्म और वीडियो कॉल के जरिए निजी फोटो या वीडियो मांगना, अश्लील सामग्री भेजना, यौन बातचीत के लिए दबाव बनाना या ब्लैकमेल करना गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों को घबराने या घटना छिपाने के बजाय तत्काल अभिभावक, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने बच्चों को आपत्तिजनक सामग्री को सेव, प्रसारित या फॉरवर्ड नहीं करने की सलाह दी। कार्यक्रम में गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सीमाओं, सहमति, भावनात्मक समझ और सुरक्षित व्यवहार के बारे में भी जानकारी दी गई। बच्चों को किसी अप्रिय घटना की स्थिति में रिपोर्टिंग के तरीकों से अवगत कराया गया।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि पॉक्सो कानून का उद्देश्य केवल अपराध के बाद सजा दिलाना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से अपराध की रोकथाम करना भी है। बच्चों को गलत घटना छिपाने के बजाय उसके खिलाफ आवाज उठाने और अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने की जरूरत है।

कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से करण चौधरी और उर्मिला देवी, मेवाराम, धर्मवीर सिंह गंधार, कपिल गुप्ता, शादाब खान, संदीप पाठक, प्रदीप कुमार गौतम, अधिवक्ता राहुल मित्तल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना

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